पत्रकार से मारपीट के विरोध में सड़क पर उतरेंगे पत्रकार, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

सहरसा। सदर अस्पताल में एमडीएम खाने के बाद बीमार हुए बच्चों की रिपोर्टिंग करने पहुंचे एक दैनिक समाचार पत्र के डिजिटल विंग के पत्रकार के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज एवं लूटपाट की घटना के विरोध में जिले के पत्रकार सोमवार को सड़क पर उतरेंगे।

सहरसा। सदर अस्पताल में एमडीएम खाने के बाद बीमार हुए बच्चों की रिपोर्टिंग करने पहुंचे एक दैनिक समाचार पत्र के डिजिटल विंग के पत्रकार के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज एवं लूटपाट की घटना के विरोध में जिले के पत्रकार सोमवार को सड़क पर उतरेंगे। जिला पत्रकार संघ ने घटना को पत्रकारिता की स्वतंत्रता एवं पत्रकारों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए प्रतिरोध मार्च निकालने का निर्णय लिया है। सुबह 10 बजे वीर कुंवर सिंह चौक से समाहरणालय तक मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद जिला प्रभारी मंत्री सह शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, डीआईजी डॉ. कुमार आशीष, जिलाधिकारी दीपेश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

रविवार को डीबी रोड स्थित जिला परिषद के पूजा रिसोर्ट में हुई संघ की बैठक में पत्रकारों ने घटना पर आक्रोश जताया। संघ ने कहा कि मामले में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। इसके तहत धरना, विरोध प्रदर्शन एवं प्रशासन से जुड़ी खबरों के बहिष्कार जैसे कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।

दोषियों की गिरफ्तारी व जांच की मांग:

संघ द्वारा प्रस्तावित ज्ञापन में पत्रकार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज करने, नामजद आरोपितों के अलावा घटना में संलिप्त अन्य लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. एसके आजाद, अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी, डॉ. रौशन लाल, डॉ. नीरज कुमार नीरव, डॉ. नफीज सोहेल एवं कर्मी मो. रफीक को तत्काल हटाने की मांग रखी गई है।

संघ ने अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी के कार्यकाल में हुए वित्तीय क्रियाकलापों तथा उनकी नियुक्ति की भी जांच कराने की मांग की है।

ओटी के कमरे में बंद कर मारपीट का आरोप:

बैठक में पत्रकारों ने आरोप लगाया कि 12 सितंबर को खबर संकलन के दौरान अभिषेक कुमार के साथ मारपीट, गाली-गलौज एवं लूटपाट की गई तथा उन्हें ऑपरेशन थियेटर स्थित एक कमरे में बंद कर कथित तौर पर मारपीट की गई। घटना में घायल पत्रकार को उपचार कराना पड़ा।

पत्रकार संघ ने कहा कि जनहित से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकार के साथ अस्पताल परिसर में इस तरह की घटना गंभीर चिंता का विषय है। इससे पत्रकारों की सुरक्षा के साथ-साथ स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के अधिकार को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। संघ ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान एवं शीघ्र कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी कि कार्रवाई में टालमटोल होने पर आंदोलन केवल अस्पताल की घटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से व्यापक किया जाएगा। बैठक में कई पत्रकार मौजूद रहे।