बिहार के पर्यटन स्थलों को लेकर देसी-विदेशी पर्यटकों में क्रेज बढ रहा है। देश विदेश के पर्यटक बिहार के बारे में जानने, समझने और घूमने के लिए लगातार आ रहे हैं। इनकी संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। यह बातें राज्य के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने बुधवार को राजधानी में आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेंस में कही। पर्यटन मंत्री ने विभागीय पत्रिका यायावर का विमोचन भी किया।
दरअसल बुधवार को पर्यटन विभाग द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का पर्यटन विभाग राज्य में पर्यटन क्षेत्र के योजनाबद्ध, समावेशी एवं दीर्घकालिक विकास के लिए निरंतर कार्यरत है। राज्य की ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक तथा प्राकृतिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए उन्हें आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से सुसज्जित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। कार्यक्रम में विशेष सचिव सह निदेशक उदयन मिश्रा ने बताया कि विभागीय पत्रिका में विभाग की सभी गतिविधियों को समाहित किया गया है, इससे पाठकगण सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा विगत वर्षों में किए गए संरचनात्मक पहलों के परिणामस्वरूप बिहार में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में कुल 6,62,12,415 पर्यटकों का आगमन हुआ, जबकि वर्ष 2026 में मई माह तक ही 3,42,34,761 पर्यटकों का आगमन दर्ज किया जा चुका है, जो राज्य में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं और जनविश्वास को रेखांकित करता है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना मद से 130100.15 लाख रुपये की योजनाओं की स्वीकृति प्रदान की गई। इसी क्रम में प्रगति यात्रा 2025 के दौरान विभिन्न पर्यटन स्थलों के विकास हेतु कुल 36 घोषणाओं के आलोक में 2710.31 करोड़ रुपये की योजनाओं पर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही की जा रही है। पुनौराधाम में माँ सीता जन्मस्थली के समग्र विकास, सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र के उन्नयन, राजगीर, वाल्मीकिनगर, फुलहर, सिंहेश्वर, कुशेश्वरस्थान, पटना हाट, पटना साहिब तथा अन्य प्रमुख स्थलों पर पर्यटन अवसंरचना विकास के कार्य प्रगति पर हैं। इन पहलों का उद्देश्य राज्य के धार्मिक, सांस्कृतिक और विरासत-आधारित पर्यटन को नई गति प्रदान करना है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026, सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता योजना 2026 तथा मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026 जैसी महत्त्वपूर्ण योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन योजनाओं से पर्यटक सुविधाओं का विस्तार होगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा पर्यटन के नए आयाम विकसित होंगे।
उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला 2026 के अवसर पर भागलपुर, बांका और मुंगेर सहित संबंधित क्षेत्रों में व्यापक प्रशासनिक एवं पर्यटन संबंधी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। टेंट सिटी, सूचना केंद्र, प्रकाश व्यवस्था, थीमेटिक गेट, लेजर शो, ड्रोन शो, बैरिकेडिंग, स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक सुविधाओं सहित अनेक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित अनुभव प्राप्त हो सके। बिहार पर्यटन नीति 2023 के अंतर्गत निवेश प्रोत्साहन की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है। नीति के अंतर्गत 37 प्रस्तावों को प्रथम चरण की स्वीकृति तथा 2 परियोजनाओं को अंतिम स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है; साथ ही राज्य में पांच सितारा होटल परियोजनाओं की दिशा में भी कार्रवाई प्रगति पर है। पर्यटन विभाग द्वारा बिहार पर्यटन के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु देश के प्रमुख शहरों, रेलवे स्टेशनों, मेट्रो, एयरपोर्ट, बस शेल्टर तथा डिजिटल माध्यमों में अभियान संचालित किए जा रहे हैं। विभाग ने राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न पर्यटन मेलों एवं आयोजनों में सक्रिय सहभागिता दर्ज कर राज्य की पर्यटन क्षमता को व्यापक मंच प्रदान किया है।
पर्यटन विभाग के विशेष सचिव सह निदेशक उदयन मिश्रा ने कहा कि बिहार सरकार राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपरा और ऐतिहासिक गौरव को पर्यटन विकास के माध्यम से नई पहचान दिलाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय उद्यमियों और सेवा क्षेत्र से जुड़े समुदायों के लिए रोजगार एवं आजीविका के स्थायी अवसर उपलब्ध कराना भी है। पर्यटन विभाग, बिहार राज्य के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक परिपथों, सांस्कृतिक आयोजनों एवं निवेशोन्मुख पहलों को नई गति देने के लिए संकल्पित है। विभाग का विश्वास है कि समन्वित प्रयासों, सुदृढ़ अवसंरचना, प्रभावी प्रचार-प्रसार और जनसहभागिता के माध्यम से बिहार निकट भविष्य में देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों में अपना विशिष्ट स्थान सुनिश्चित करेगा। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम नंद किशोर, संयुक्त सचिव प्रदीप सिंह, संयुक्त सचिव इंदु कुमारी, संयुक्त निदेशक राजेश रौशन समेत सभी वरीय पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।