पटना हाईकोर्ट रचेगा इतिहास, मिलेंगी पहली महिला मुख्य न्यायाधीश, जानें कौन हैं नई चीफ जस्टिस मीनाक्षी मदन राय?

पटना हाईकोर्ट के लिए ऐतिहासिक पल है। पटना हाईकोर्ट को जल्द ही महिला चीफ जस्टिस मिलने जा रहा है। सिक्किम हाईकोर्ट की वरिष्ठ न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय अब पटना हाईकोर्ट की नई चीफ जस्टिस बनेंगी।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : May 24, 2026, 1:29:00 PM

पटना हाईकोर्ट के लिए ऐतिहासिक पल है। पटना हाईकोर्ट को जल्द ही महिला चीफ जस्टिस मिलने जा रहा है। सिक्किम हाईकोर्ट की वरिष्ठ न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय अब पटना हाईकोर्ट की नई चीफ जस्टिस बनेंगी। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सिक्किम हाईकोर्ट की वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस मीनाक्षी मदन राय को पटना हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश केंद्र सरकार से की है। मीनाक्षी मदन राय के पद संभालते ही पटना हाई कोर्ट को अपने इतिहास की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश मिल जाएगी, जो बिहार के न्यायिक इतिहास के लिए एक गौरवशाली मील का पत्थर होगा।

पटना हाई कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संगम कुमार साहू आगामी 4 जून 2026 को अपने पद से रिटायर होने जा रहे हैं। उनके रिटायर होने के ठीक अगले दिन यानी 5 जून 2026 को जस्टिस मीनाक्षी मदन राय पटना हाई कोर्ट के 48वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाल सकती हैं। 

जस्टिस मीनाक्षी मदन राय सिक्किम हाईकोर्ट की पहली महिला स्थायी न्यायाधीश हैं। उन्होंने सिक्किम हाईकोर्ट में कई बार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी भी संभाली है।  मीनाक्षी मदन राय के पिता सिक्किम के गृह सचिव रह चुके हैं। उन्होंने न्यायपालिका में लंबा और उल्लेखनीय योगदान दिया है। 

जस्टिस मीनाक्षी मदन राय ने दिल्ली विश्वविद्यालय के मशहूर लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति विज्ञान (ऑनर्स) में स्नातक की डिग्री हासिल की।  इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के ही कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। साल 1990 में उन्होंने दिल्ली बार काउंसिल में एक वकील के रूप में अपना पंजीकरण कराया और दिल्ली हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में वकालत की बारीकियां सीखीं। 

दिसंबर 1990 में जस्टिस मीनाक्षी मदन राय सिक्किम में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के रूप में बहाल हुईं, और वह इस पद पर पहुंचने वाली राज्य की पहली महिला थीं। वे साल 2004 में जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनीं और बाद में हाई कोर्ट की रजिस्ट्रार भी रहीं। 15 अप्रैल 2015 को वे सिक्किम हाई कोर्ट की पहली महिला स्थायी जज नियुक्त की गईं। वे सिक्किम हाई कोर्ट में कई बार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं।