बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र 20 जुलाई यानि सोमवार से शुरू हो रहा है। भरत तिवारी एनकाउंटर और बंटी यादव हत्याकांड को लेकर सदन हंगामेदार होने की संभावना है। हालांकि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस बार सदन में नहीं दिखेंगे। वे फिलहाल देश से बाहर हैं। 20 जुलाई से शुरू हो रहा यह 5 दिवसीय सत्र 24 जुलाई तक चलेगा। इस मानसून सत्र में विधायकों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। पहली बार शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों की सूचनाएं ऑनलाइन स्वीकार की जाएंगी। सदस्यों की सुविधा और सदन की कार्यवाही को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए यह बड़ा फैसला लिया गया है। इसके लिए विधानसभा ने समय भी निर्धारित कर दिया है। विधायक सुबह 8 बजे से 9 बजे तक शून्यकाल की सूचनाएं ऑनलाइन दे सकेंगे, जबकि ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के लिए सुबह 9 बजे से 10 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। डिजिटल व्यवस्था शुरू होने से विधायकों को सदन में जनहित के मुद्दे उठाने के लिए अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी माध्यम मिला है।
विधानमंडल मानसून सत्र में 5 बैठकें होंगी। दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 का प्रथम अनुपूरक बजट भी सदन में पेश किया जाएगा। 21-22 को राजकीय विधेयक पेश होंगे। पहले दिन 20 जुलाई को राज्यपाल से मंजूर अध्यादेश पटल पर रखे जाएंगे। वित्त मंत्री विजेन्द्र यादव चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली अनुपूरक व्यय विवरणी पेश करेंगे। 21 और 22 जुलाई, दो दिन राजकीय विधेयक और अन्य कार्य होंगे। 23 जुलाई को अनुपूरक व्यय विवरणी पर बहस होगी और विनियोग विधेयक पेश होगा। आखिरी दिन गैर सरकारी संकल्प लाए जाएंगे। सत्र के दौरान सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले विधेयकों को लेकर सदन में महत्वपूर्ण विधायी कामकाज होने की संभावना है।
इससे पहले 20 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहे बिहार विधानसभा के सत्र के सफल और शांतिपूर्ण संचालन को लेकर शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय कक्ष में आयोजित इस बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने हिस्सा लिया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा-प्रश्नकाल, शून्यकाल, विधायी कार्य और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए, ताकि सदन की कार्यवाही जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम दे सके।
बैठक में सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने, जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा सुनिश्चित करने और सभी दलों के सहयोग से सकारात्मक माहौल बनाए रखने पर सहमति बनी। बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने आगामी विधानसभा सत्र के शांतिपूर्ण और सुचारू संचालन में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया।
मानसून सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं। राजद, कांग्रेस और वाम दल राज्य में हालिया आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर और बंटी यादव हत्याकांड समेत अन्य घटनाओं को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांग सकता है।