साइबर अपराध के लिए फर्जी तरीके से बेचे छह माह में 181 सिम, अब गिरफ्त में

राज्य में साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए पुलिस की तरफ से बडी कार्रवाई की गयी है। पुलिस ने तीन सिम विक्रेताओं को गिरफ्तार किया है। इन्होंने छह माह में 181 सिम की बिक्री की थी।

राज्य में साइबर अपराध पर नकेल कसने के लिए पुलिस की तरफ से बडी कार्रवाई की गयी है। पुलिस ने तीन सिम विक्रेताओं को गिरफ्तार किया है। इन्होंने छह माह में 181 सिम की बिक्री की थी। अब पुलिस पूरे पडताल में जुटी हुई है।

साइबर अपराधियों को अवैध तरीके से मोबाइल सिम मुहैया कराने वाले सिम बिक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। इस मामले में पुलिस महकमा के साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने भागलपुर और जमुई से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। भागलपुर के ईशाकचक थाना के बरहपुरा निवासी मो. अब्दुल मतीन को शहर के तिलकामांझी थाना क्षेत्र के कचहरी चौक से गिरफ्तार किया गया। इसके पास से एक मोबाइल फोन और स्कूटी बरामद की गई है। इसके अलावा जमुई के चकाई के सरीन गांव से राजकुमार यादव एवं अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।   

जांच में यह बात सामने आई कि भागलपुर जिले में एक सिम बिक्रेता (पीओएस एजेंट) के स्तर से ग्रामीणों के मोबाइल नंबर को पोर्ट कराने के नाम पर उनकी जानकारी के बिना पिछले छह महीने से करीब 81 सिम कार्ड जारी करने का मामला सामने आया है। तकनीकी स्तर पर जांच में यह पाया गया कि इन सिम कार्ड का उपयोग झारखंड और पश्चिम बंगाल में सक्रिय साइबर अपराधियों ने किया गया है। इन अपराधियों ने इन फर्जी सिम कार्ड से 122 साइबर अपराधों को अंजाम दिया है।

वहीं, जमुई से गिरफ्तार दोनों सिम बिक्रेताओं के मामले की जांच में यह पाया गया कि पिछले चार महीने में करीब 100 सिम कार्ड जारी किए गए थे। इनमें करीब 80 मोबाइल नंबरों के खिलाफ नेशनल क्राइम रिकॉर्ड पोर्टल पर शिकायतें दर्ज थी। इन नंबरों से संबंधित करीब 125 साइबर शिकायतें और करीब 13 लाख रुपये की ठगी की बात भी सामने आई है। अब दोनों स्थानों से गिरफ्तार सिम बिक्रेताओं से पूछताछ की जा रही है और इनसे जुड़े साइबर अपराधियों के बारे में विस्तृत जानकारी एकत्र की जा रही है। इनसे अवैध तरीक से सिम लेकर साइबर अपराध का नेटवर्क चलाने वालों की समुचित जानकारी एकत्र कर छापेमारी की जा रही है।