मोतिहारी: बाढ़ से पहले दरकने लगा बांध, करोड़ों की योजना पर लापरवाही, किसानों में दहशत

मोतिहारी के सुगौली प्रखंड के लालपरसा धुमनी टोला में सिकरहना नदी पर बने बांध की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार तीन-चार दिनों की बारिश के बाद बांध के कई हिस्सों में दरारें और मिट्टी धंसने की शिकायत सामने आई है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : Jul 15, 2026, 3:17:00 PM

मोतिहारी के सुगौली प्रखंड के लालपरसा धुमनी टोला में सिकरहना नदी पर बने बांध की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार तीन-चार दिनों की बारिश के बाद बांध के कई हिस्सों में दरारें और मिट्टी धंसने की शिकायत सामने आई है। 

ग्रामीणों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य में भारी लापरवाही बरती गई और बाढ़ से पहले ही बांध जवाब देने लगा है। जो बांध कम दिखता है और पगडंडी का आर ज्यादा दिखाई दे रहा है। ना ही चौड़ाई और ना ही उंचाई की गई है। 

ग्रामीण प्रदीप कुमार और मेघन सहनी का कहना है कि पिछले आठ वर्षों से बाढ़ की तबाही झेल रहे हैं। इस बार नए बांध से सुरक्षा की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा हालात ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उधर सिकरहना नदी का जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई है और बाढ़ का पानी धीरे-धीरे पायलिंग के ऊपर तक पानी पहुंचने लगा है। 

किसानों का कहना है कि यदि हाल यह रहा और और बारिश होती रही तो बाढ़ से बचना मुश्किल हो जायेगा। वहीं समय रहते आखिर कार्य क्यो नही किया जाता है। 

मोतिहारी से सोहराब आलम की रिपोर्ट