घोघरडीहा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव समेत 9 सूत्री मांग को लेकर प्रदर्शन, गौरीशंकर यादव के नेतृत्व में उमड़ी भारी भीड़

मिथिलांचल संघर्ष समिति, मधुबनी की ओर से घोघरडीहा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव और 9 सूत्री मांग समेत यात्रियों की सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन किया। संस्थापक और अध्यक्ष गौरीशंकर यादव के नेतृत्व में भारी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

मिथिलांचल संघर्ष समिति, मधुबनी की ओर से घोघरडीहा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव और 9 सूत्री मांग समेत यात्रियों की सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन किया। घोघरडीहा रेलवे स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से क्षेत्र की जनता को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी मांग को लेकर मिथिलांचल संघर्ष समिति ने आंदोलन किया और रेलवे से घोघरडीहा स्टेशन पर भी महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव देने की मांग की। समिति ने रेलवे से क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को देखते हुए कई महत्वपूर्ण मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की है।

मिथिलांचल संघर्ष समिति के संस्थापक और अध्यक्ष गौरीशंकर यादव के नेतृत्व में भारी संख्या में लोगों ने घोघरडीहा रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया। समिति ने रेलवे से घोघरडीहा रेलवे स्टेशन पर लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव और यात्री सुविधाओं की मांग की। गौरीशंकर यादव ने कहा कि घोघरडीहा स्टेशन पर गूंजा रेल सुविधाओं का मुद्दा, लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर धरने में हजारों की भीड़ उमड़ी।  

मिथिलांचल संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें:  

1. 14627/14628 सहरसा-छहरतता (अमृतसर) का घोघरडीहा स्टेशन पर ठहराव दिया जाए।

2. 05735/05736 अमृतसर-कटिहार एक्सप्रेस का घोघरडीहा स्टेशन पर ठहराव किया जाए।

3. 14663/14664 न्यू जलपाईगुड़ी-अमृतसर एक्सप्रेस का नियमित ठहराव घोघरडीहा में किया जाए।

4. घोघरडीहा-घोघेपुर नई रेल लाइन निर्माण कार्य शुरू किया जाए।

5. पूर्वी गुमटी से किसनीपट्टी मिलन पथ तक संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जाए।

6. परसा-बसुआरी हॉल्ट पर यात्रियों के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जाए।

7. चिकना हॉल्ट पर 13211/13212 जोगबनी-दानापुर एक्सप्रेस का ठहराव दिया जाए।

8. इस रेल मार्ग पर दो अतिरिक्त यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए।

9. घोघरडीहा में पार्सल गोदाम एवं रैक प्वाइंट की स्थापना की जाए।

बता दें कि मिथिलांचल संघर्ष समिति क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास के खिलाफ जन-जागरण अभियान चला रही है। मिथिलांचल संघर्ष समिति मुख्य रूप से बिहार के मधुबनी जिले (विशेषकर घोघरडीहा क्षेत्र) में सक्रिय एक सामाजिक संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार, सामाजिक कुरीतियों और अंधविश्वास के खिलाफ जन-जागरण अभियान चलाना है। मिथिलांचल संघर्ष समिति के संस्थापक और अध्यक्ष गौरीशंकर यादव हैं जो सामाजिक कार्यकर्ता और फुलपरास विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी रह चुके हैं। 

मिथिलांचल संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें

1.पंचायत, प्रखंड, थाना, अनुमंडल और जिला स्तर के सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की जाए।

2.रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार में शामिल कर्मचारियों व अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

3.गांवों में शांति, सौहार्द और भाईचारा बनाए रखने के लिए समय-समय पर जनजागरूकता बैठक आयोजित की जाए।

4.गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए।

5.ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर और जनस्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।

6.गंभीर बीमारी से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों के इलाज और रक्तदान के लिए सहायता व्यवस्था विकसित की जाए।

7.अंधविश्वास, ऊंच-नीच, जातीय भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।

8.रिश्वत लेने और देने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाए।

9.गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए सहयोग दिया जाए।

10.किसान, मजदूर, महिलाएं और नौजवानों की समस्याओं को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया जाए।

11.पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए जनअभियान चलाया जाए।

12.समाज में न्याय, समानता, जनहित और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाए जाएं।