गोपालगंज। जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के सख्त रुख के बाद उच्चाधिकारी के आदेशों की अवहेलना और कर्तव्यहीनता के गंभीर मामले में भोरे प्रखंड क़े प्राथमिक विद्यालय, बनकटा खास क़े प्रधानाध्यापक ब्रजेश राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई समाहर्ता-सह-जिला दंडाधिकारी, गोपालगंज के विविध वाद संख्या-07/2026 (दिलशाना खातून बनाम बिहार सरकार व अन्य) में पारित आदेश का पालन न करने और संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत न करने के कारण की गई है।
क्या है पूरा मामला....
प्रभारी वरीय उप समाहर्त्ता और जिला शिक्षा पदाधिकारी के पत्रों के आलोक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (साक्षरता) द्वारा प्रधानाध्यापक-सह-संयोजक ब्रजेश राम से स्पष्टीकरण मांगा गया था। प्रधानाध्यापक द्वारा दिया गया जवाब तथ्यहीन और भ्रामक पाया गया। उन्हें शिक्षक सेवक (तालीमी मरकज) चयन समिति की बैठक आयोजित कर अनुपालन प्रतिवेदन सौंपना था, जिसमें वे विफल रहे. डीपीओ (साक्षरता) द्वारा गठित आरोप पत्र और निलंबन की अनुशंसा के आधार पर यह सख्त कदम उठाया गया है।
प्रधानाध्यापक पर लगे ये 8 प्रमुख आरोप:
उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और विभागीय नियमों के विपरीत कार्य करना।
विभागीय गोपनीयता भंग करना।
विभाग को गुमराह कर भ्रामक व तथ्यहीन प्रतिवेदन समर्पित करना।
शासकीय कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही।
पद एवं कर्तव्य के प्रति घोर उदासीनता।
सरकारी सेवक आचार संहिता के प्रतिकूल आचरण।
स्वेच्छाचारिता एवं मनमाना रवैया।
चयन समिति (तालीमी मरकज) की बैठक में पारित प्रस्तावों का अनुपालन न करना।
वही विभागीय पत्र क़े मुताबिक निलंबन की अवधि के दौरान ब्रजेश राम को नियमानुसार जीवन निर्वहन भत्ता दिया जाएगा। इस अवधि के लिए उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र माँझा निर्धारित किया गया है। उनके खिलाफ औपचारिक विभागीय आरोप पत्र अलग से गठित कर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट