गोपालगंज जिले के उचकागांव थाना अंतर्गत अरना बाजार स्थित जामा मस्जिद के इमाम मौलाना सफीक खान की सनसनीखेज हत्या के मामले का पुलिस ने सफल उद्भेदन कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया है। आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार, खून से सना अधजला कपड़ा, मौलवी का चोरी हुआ मोबाइल और नगदी बरामद की गई है।
क्या था पूरा मामला?
घटना 17 अगस्त 2026 की है, जब अरना बाजार स्थित जामा मस्जिद परिसर में मौलवी साहब की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। अनुसंधान में यह बात सामने आई कि निरुद्ध बालक मोबाइल फोन का आदी था और उसने मौलवी साहब का मोबाइल चोरी कर लिया था। बाद में ग्रामीणों के हस्तक्षेप से मोबाइल तो वापस करा दिया गया, लेकिन मौलवी साहब ने इस चोरी को लेकर पंचायत बुलाई थी और मामले को पुलिस तक ले जाने की बात कही थी। इसी बात से आक्रोशित होकर और बदनामी के डर से आरोपी ने मस्जिद के अंदर ही मौलवी की चाकू गोदकर हत्या कर दी।
वही घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने हथुआ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, आनन्द मोहन गुप्ता एवं थानाध्यक्ष उचकागांव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर छानबीन की साथ ही एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम और डीआईयू टीम का गठन किया गया। टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण करते हुए आरोपी नाबालिग को चिन्हित कर निरुद्ध किया।
नाबालिग की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार खून से सना अधजला कपड़ा, मृतक मौलवी का मोबाइल फोन और 1180/- रुपये नगद एक सिम ट्रे और अभियुक्त का अपना मोबाइल फोन बरामद कर लिया। वही इस मामले में जामा मस्जिद परिसर पहुंचे एसपी विनय तिवारी ने बताया की मृतक इमाम मौलाना सफीक खान मुल रूप से भोरे के सिसई स्थित पठान टोली क़े रहने वाले थे, जो यहां मस्जिद में रहते थे।
मस्जिद के बगल में ही आरोपी का घर है। जो मस्जिद के अंदर आया जाया करता था। आरोपी का पिता नसेड़ी है। नशे में रहने के कारण उसे मौलवी ने नमाज अदा करने से मस्जिद में मना किया था। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण नशेड़ी का बेटा मोबाइल का आदी था और मौलवी का मोबाइल चोरी किया था। मौलवी ने पंचायत बुलाने की बात कही थी और मामले को पुलिस तक ले जाने की बात कही थी। पंचायत में बदनामी होगी इसी के डर से नशेड़ी के बेटे ने मौलवी को मस्जिद क़े अन्दर घुस चाकू गोद कर हत्या की।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट