गोपालगंज: किसानों को आत्मनिर्भर बनाने, कृषि उत्पादन बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से गुरुवार को अंबेडकर भवन में जिला स्तरीय रबी महाअभियान 2026 के तहत कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी समीर सौरभ के निर्देश पर उप विकास आयुक्त गौरव कुमार ने किया। कर्मशाला में किसानों को प्राकृतिक खेती, दलहन-तिलहन उत्पादन, कृषि यंत्रीकरण और सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए तीन समूहों में 150 हेक्टेयर तथा परंपरागत खेती के लिए 500 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया। वहीं, जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 1,600 पक्के वर्मी कंपोस्ट पीट तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। दलहन एवं तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भरता दलहन योजना और खाद्य तेल-तिलहन मिशन के तहत चयनित फसलों के बीज पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। कृषि यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर 45 से 55 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा सब्जी की खेती और मशरूम उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए संबंधित योजनाओं के तहत 40 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।
1.31 लाख से अधिक किसानों की बनी फार्मर रजिस्ट्री
कृषि विभाग के अनुसार, जिले में अब तक 1,31,497 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा चुकी है। वहीं, 44,313 किसान बिहार कृषि ऐप का लाभ उठा रहे हैं। कर्मशाला में किसानों को कृषि योजनाओं का लाभ लेने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और खेती की लागत कम कर उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
खाद की कालाबाजारी करने वालों पर होगी कार्रवाई
रबी मौसम में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता और निर्धारित मूल्य पर बिक्री सुनिश्चित करने के लिए कृषि पदाधिकारियों एवं कृषि समन्वयकों को लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ छापेमारी कर कानूनी कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार सुमन, कृषि विज्ञान केंद्र सिधवलिया की युवा वैज्ञानिक डॉ. अनुपमा कुमारी, अग्रणी बैंक प्रबंधक विवेक कुमार, नाबार्ड के डीडीएम अमनदीप सहित पशुपालन, गव्य विकास, मत्स्य एवं सहकारिता विभाग के पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।
गोपालगंज-विजयीपुर से शंकर जी की रिपोर्ट