गोपालगंज क़े भोरे में विदेश में अच्छी नौकरी और भारी-भरकम सैलरी का सपना दिखाकर लाखों रुपये हड़पने और जाली वीजा-टिकट थमाने का एक बड़ा मामला सामने आया है। ठगी का शिकार हुए पीड़ितों की शिकायत पर भोरे पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
चकरवा खास गांव निवासी पीड़ित मोहम्मद जमालुद्दीन ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि वर्ष 2025 में उनकी मुलाकात गोपालगंज के तुरकहा टोला निवासी सोनू कुमार से हुई थी। सोनू पारा मेडिकल सिसई बाजार स्थित एक मकान में अपना ऑफिस चला रहा था। सोनू कुमार ने जमालुद्दीन और उनके साथियों (नागेंद्र वर्मा, साहिल कुमार, धनेश चौहान, सुमित कुमार समेत करीब 10-15 लोगों) को अज़रबैजान में ड्राइवर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोपी ने प्रति व्यक्ति 1,30,000 रुपये का खर्च बताया और दावा किया कि वहां उन्हें 1,000 अमेरिकी डॉलर प्रति माह वेतन मिलेगा।
पीड़ित के अनुसार, उन्होंने 26 फरवरी 2025 को आरोपी को 1,03,000 रुपये नकद दिए। आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए एक बैंक चेक भी दिया। इसके बाद आरोपी ने सभी को जाली वीजा और एयर टिकट थमाकर दिल्ली बुला लिया। दिल्ली में 20 दिनों तक फ्लाइट का बहाना बनाकर टहलाने के बाद आरोपी ने सभी को वापस घर भेज दिया और एक महीने के भीतर भेजने का आश्वासन दिया। घर लौटने पर जब पीड़ितों ने बैंक में चेक जमा करने की कोशिश की, तो पता चला कि खाते में पैसे ही नहीं हैं और चेक बाउंस हो जाएगा। इसके बाद आरोपी कंप्यूटर से एडिट किया हुआ फर्जी वीजा भेजकर पीड़ितों को गुमराह करता रहा।
जब पीड़ितों को ठगी का अहसास हुआ और वे आरोपी के घर पहुंचे, तो सोनू कुमार, उसके भाई विकास कुमार और परिवार के अन्य सदस्यों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़ितों का आरोप है कि इस पूरी धोखाधड़ी में सोनू कुमार, उसकी पत्नी और उसका भाई शामिल हैं। आरोपी लगातार अपना नंबर बदलकर पीड़ितों के फोन उठाने से बच रहा है। इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए भोरे थाना अध्यक्ष रोहिणी उपाध्याय ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट