डेढ़ करोड़ से अधिक जुर्माने के बावजूद बेखौफ चल रहे धर्मकांटा

जिला पदाधिकारी के निर्देश पर बीते 19 सितंबर को सकड्डी-नासरीगंज स्टेट हाइवे पर संचालित धर्मकांटों के खिलाफ की गई कार्रवाई का असर धरातल पर नजर नहीं आ रहा है।

आरा : जिला पदाधिकारी के निर्देश पर बीते 19 सितंबर को सकड्डी-नासरीगंज स्टेट हाइवे पर संचालित धर्मकांटों के खिलाफ की गई कार्रवाई का असर धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। सड़क किनारे कुकुरमुत्ते की तरह फैले इन धर्मकांटों में से 20 से अधिक पर जिला प्रशासन की टीम ने छापेमारी की थी। इस दौरान डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना अधिरोपित किया गया था। इसके बावजूद धर्मकांटा संचालकों में कार्रवाई का भय नजर नहीं आ रहा है। आरोप है कि इन धर्मकांटों पर अब भी वजन मापने की आड़ में ट्रकों से बालू उतारकर अवैध रूप से भंडारण और बिक्री की जा रही है। सबसे हैरानी की बात यह है कि ट्रकों से उतारी गई बालू अगले ही दिन वहां से गायब भी हो जाती है। 

लोगों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी सवालों के घेरे में खड़ा किया है

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सकड्डी-नासरीगंज स्टेट हाइवे पर संचालित धर्मकांटों के माध्यम से प्रतिदिन लाखों रुपए के सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि जिले में चार खनन निरीक्षकों और एक खनिज विकास पदाधिकारी की तैनाती के बावजूद इस तरह का कारोबार जारी रहना कई सवाल खड़े करता है। साथ ही लोगों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी सवालों के घेरे में खड़ा किया है। डेढ़ करोड़ से अधिक का जुर्माना, फिर भी नहीं थमा कारोबार बीते 19 सितंबर को सदर अनुमंडलाधिकारी, आरा के नेतृत्व में जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनिज विकास पदाधिकारी, एसडीपीओ सदर-2, खान निरीक्षक और चांदी थाना के सशस्त्र बलों की टीम ने सकड्डी-नासरीगंज स्टेट हाइवे पर संचालित धर्मकांटों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान 20 धर्मकांटों पर बालू का भंडारण पाया गया था। 

किसी भी धर्मकांटा संचालक ने वहां भंडारित बालू से संबंधित वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए थे - अधिकारी

अधिकारियों के अनुसार, किसी भी धर्मकांटा संचालक ने वहां भंडारित बालू से संबंधित वैध कागजात प्रस्तुत नहीं किए थे। इसके बाद सभी 20 धर्मकांटों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 1.60 करोड़ रुपए से अधिक का जुर्माना अधिरोपित किया गया था। लोगों ने कहा कि इतनी बड़ी कार्रवाई के बावजूद यदि अवैध कारोबार जारी है तो यह कार्रवाई की प्रभावशीलता और उसके बाद की निगरानी पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल जुर्माना लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि नियमित जांच और सख्त कार्रवाई भी जरूरी है। प्राथमिकी में संगठित तरीके से बालू भंडारण का उल्लेख छापेमारी के दौरान जांच में पाया गया था कि संबंधित धर्मकांटा संचालकों द्वारा कथित तौर पर संगठित तरीके से ट्रकों से सोन नदी से बालू मंगवाकर अवैध रूप से भंडारण किया जाता है। इसके बाद ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू का कारोबार किए जाने की बात भी सामने आई थी। प्राथमिकी में अवैध खनन में संलिप्त लोगों से संपर्क स्थापित कर कारोबार किए जाने का उल्लेख किया गया था। प्रशासन की ओर से दर्ज प्राथमिकी में बालू के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के कारण बिहार सरकार को राजस्व की भारी क्षति होने की बात कही गई थी। 

लोगों ने कहा- इस मार्ग पर स्थानीय पुलिस की गश्ती होती है

इस मामले में बालू के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की रोकथाम से संबंधित BMCPIMTS नियमावली, 2019 के संशोधित नियम 11, 39, 56 एवं अन्य सुसंगत प्रावधानों के तहत चांदी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर अवैध भंडारण और बिक्री जारी रहने के आरोपों ने कार्रवाई के बाद की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन की ढिलाई पर उठ रहे सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि सकड्डी से संदेश तक स्टेट हाइवे के दोनों किनारों पर संचालित कई धर्मकांटों पर ट्रकों से बालू उतारकर भंडारण किया जाता है। इससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका है, बल्कि सड़क पर आवागमन करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर स्थानीय पुलिस की गश्ती होती है. इसके अलावा खनन विभाग के अधिकारियों की भी तैनाती है। ऐसे में यदि धर्मकांटों पर कथित तौर पर अवैध बालू का भंडारण और बिक्री जारी है, तो इसकी नियमित निगरानी क्यों नहीं हो रही है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में चिह्नित धर्मकांटों की दोबारा जांच कराई जाए

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में चिह्नित धर्मकांटों की दोबारा जांच कराई जाए और अवैध कारोबार की पुष्टि होने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। इस बाबत बात करते हुए जिला खनिज विकास पदाधिकारी भोजपुर कुमार गौरव ने बताया कि बालू के अवैध खनन भंडारण एवं बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती है। पिछले एक वर्ष में इससे जुड़े मामलों में साढ़े तीन करोड़ से अधिक राशि जुर्माने का तौर ओर वसूली गई है। अभी हाल ही में धर्मकांटों पर छापेमारी कर डेढ़ करोड़ से अधिक राशि जुर्माना अधिरोपित कर स्थानीय चांदी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। समय-समय पर स्थानीय पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर इन पर कार्रवाई का भी अनुरोध किया जाता है। पुनः नए सिरे से धर्मकांटों पर छापेमारी कर कार्रवाई की जाएगी। इधर, सदर एसडीपीओ-2 रणजीत कुमार सिंह ने कहा कि ऐसे अवैध कार्यो में लगे धर्मकांटो पर फिर से कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने पर इन्हें पूरी तरीके से बंद कराया जाएगा।

आरा से दीपक गुप्ता की रिपोर्ट