तेजस्वी ने कहा- बाढ़ से मर रहे हैं बिहार के लोग, PM के जन्मदिन पर बर्बाद कर दिए सैकड़ों रुपए
राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अभी थोड़ी देर पहले प्रेसवार्ता की। उसने साथ पार्टी के नेता एजाज अहमद भी मौजूद दिखे

पटना : राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अभी थोड़ी देर पहले प्रेसवार्ता की। उसने साथ पार्टी के नेता एजाज अहमद भी मौजूद दिखे। राजद नेता तेजस्वी यादव ने प्रेसवार्ता करते हुए कहा कि 45 लाख से भी ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इस बार 35 फीसदी से कम बारिश हुई है जिससे बिहार का एक हिस्सा सूखे की स्थिति से गुजर रहा है। बिहार के लोग बाढ़ से मर रहे हैं और उस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर सैकड़ों करोड़ रुपए दिया और बाती जलाकर बर्बाद कर दिए गए।
बाढ़ राहत में सौतेला व्यवहार - तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बिहार के बाढ़ पीड़ितों के प्रति 'सौतेला' रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि गुजरात में आपदा आने पर केंद्र तुरंत सक्रिय होता है, लेकिन बिहार में 15 जिलों के 48 लाख से अधिक लोग प्रभावित होने के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से कोई ठोस मदद नहीं मिली।
तेजस्वी ने बीजेपी की कार्यशैली पर सवाल
विपक्ष के नेता लोकतांत्रिक मूल्यों को तार-तार करने और विपक्षी दलों के सांसदों व सरकारों को तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्रियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे बिहार के लिए पर्याप्त सहायता सुरक्षित करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं।
बाढ़ पीड़ितों से आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं - तेजस्वी
तेजस्वी ने आगे कहा कि बताइए जरा, जिन गरीबों के मकान गिर गए, जिनके घरों में पानी भरा है, जिनकी दिनचर्या का सामान जैसे जूते-चप्पल, कपड़े और बर्तन पानी में बह गए हैं, जिनके घरों के पास अब भी पानी की बदबू है। इस बेशर्म सरकार ने राहत शिविर बंद कर दिए है, बताइए वो बाढ़ पीड़ित इन परिस्थितियों में कहां जाएंगे? बाढ़ पीड़ितों से आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे जा रहे हैं जिस कारण लोगों के बीच सही ढंग से राहत कार्य भी नहीं पहुंच पा रहे हैं। सरकार के खजाने पर पीड़ितों का हक़ है लेकिन वो सारा पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया? इस सरकार ने ना कोई राहत दी और ना ही कोई तिरपाल व खाने पीने का सामान?
विपक्ष के नेता ने कहा- बिहार के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला हक है
उन्होंने कहा कि बिहार के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला हक है। 2015 और 2022 में जब हमारी महागठबंधन की सरकार थी तब आपदा प्रबंधन और वित्त विभाग राजद के पास था। तब हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की सलाह पर हमने बजट में यह प्रावधान कराया था कि बाढ़-सुखाड़, प्राकृतिक आपदा और संकट के समय राज्य के कुल बजट की चार फीसदी राशि को आकस्मिक निधि के रूप में उपयोग किया जा सकता है। अब आप बजट के अनुरूप हिसाब लगाइए कि बिहार की आकस्मिक निधि कितनी होगी? कहाँ गई वो राशि? बिहार में जून में ही आकस्मिक निधि निकाल लिए गए और बाढ़ पीड़ितों के लिए अब निधि का अभाव है।
बिहार के किसानों की कोई सुध नहीं ले रहा - तेजस्वी
बिहार के किसानों की कोई सुध नहीं ले रहा। बाढ़ के कारण लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर में लगी धान, मक्का, सब्जी और केले की फसल बर्बाद हुई है। क्षतिग्रस्त फसल का कोई मुआवजा नहीं मिला है। मेरे पत्र लिखने और लगातार बाढ़ पीड़ितों की आवाज उठाने पर दिखावटी तौर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार भेजा गया। अब उस दौरे पर उन्होंने क्या रिपोर्ट दी है। राहत और पुनर्वास और नुकसान का कितना आकलन किया इत्यादि सभी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
प्रधानमंत्री राहत कोष जिसे कोरोना में खत्म कर पीएम केयर्स फंड बनाया गया उस फण्ड से बिहार की मदद क्यों नहीं की गई?
प्रधानमंत्री राहत कोष जिसे कोरोना में खत्म कर पीएम केयर्स फंड बनाया गया उस फण्ड से बिहार की मदद क्यों नहीं की गई? गोवा, अरुणाचल प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों को मिलाकर उनकी जितनी कुल जनसंख्या है उससे अधिक आबादी बिहार में बाढ़ से प्रभावित है लेकिन गृहमंत्री और प्रधानमंत्री को बिहार की कोई फिक्र नहीं? बिहार की कोई सहायता नहीं? क्या यह बिहार के साथ भेदभाव नहीं है? यह बिहार के लिए शर्म की बात है?
तेजस्वी ने कहा- बिहार में बाढ़ के बाद भी 100 करोड़ के दीये जलाए गए
तेजस्वी ने आगे कहा कि बिहार में बाढ़ के बाद भी 100 करोड़ के दीये जलाए गए। बाढ़ पीड़ितों का जिया जलाने वाले संवेदनहीन लोग अब अपनी एक लाख-दो लाख की सैलरी देने की प्रतीकात्मक नौटंकी कर रहे है। इन सब को मिलकर कुल दो-तीन करोड़ रुपए भी जमा नहीं होंगे। क्या 50 लाख लोगों के लिए ये दो-तीन करोड़ रुपए पर्याप्त रहेंगे? सरकार बाढ़ पीड़ितों की मदद नहीं कर उससे ध्यान हटाकर ये सब नौटंकी करा रही है। अरे आपके अंदर हिम्मत है तो सरकार से मदद करवाओ ना? डबल इंजन सरकार इसी को कहते है क्या??
जनता ऐसे नकारे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी - तेजस्वी यादव
तेजस्वी ने कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार से है और उन बेचारे की इतनी भी हैसियत नहीं कि प्रधानमंत्री से आग्रह कर सके कि हे, मेरे नॉन-बायोलॉजिकल हुज़ूर, एक बार मेरे राज्य का दौरा कर लीजिए। बिहार में प्रथम बार बीजेपी का मुख्यमंत्री बना है, बिहार से आठ केंद्रीय मंत्री और एनडीए के कुल 42 सांसद है, 250 से अधिक सांसद लोकसभा और राज्यसभा व विधायक और विधान पार्षद है, लेकिन सब नकारे और निकम्मे है। जनता ऐसे नकारे जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सुनिश्चित करेगी। कथित डबल इंजन सरकार बाढ़ पीड़ितों को अविलंब 15 हजार की मदद व सुखाड़ और बाढ़ प्रभावित किसानों का सर्वेक्षण करा उन्हें यथाशीघ्र मुआवजा दें। इस अवसर पर संवाददाता सम्मेलन में राजद के नेता शक्ति सिंह यादव एवं एजाज अहमद भी मौजूद थे।










