पंचायत से लेकर लोकसभा चुनाव तक अपनी ताकत दिखाएगी सुभासपा
एनडीए की घटक दल और उत्तर प्रदेश में प्रदेश सरकार में शामिल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी बिहार में आगामी पंचायत चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी।

पटना: एनडीए की घटक दल और उत्तर प्रदेश में प्रदेश सरकार में शामिल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी बिहार में आगामी पंचायत चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। यह जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सह प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. शशिभूषण प्रसाद ने गुरुवार को राजधानी में पार्टी की तरफ से आयोजित एक मीटिंग में कही। पार्टी की तरफ से संगठनात्मक बैठक का आयोजन किया गया था। मीटिंग का नेतृत्व राष्ट्रीय महासचिव सह प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. शशिभूषण प्रसाद ने किया। इस अहम मीटिंग में बिहार के विभिन्न जिलों से आए जिलाध्यक्षों के साथ-साथ संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। डॉ. शशिभूषण प्रसाद ने बताया कि इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य बिहार में पार्टी संगठन को धरातल पर और ज्यादा सशक्त बनाना तथा पार्टी के आगामी स्थापना दिवस समारोह को ऐतिहासिक एवं भव्य बनाने की विस्तृत रणनीति पर गहराई से चर्चा करना था।
बैठक के उपरांत मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए डॉ. शशिभूषण प्रसाद ने स्पष्ट रूप से कहा कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का जनाधार अब बिहार के सभी जिलों में काफी तेजी से फैल चुका है और संगठन बेहद मजबूत स्थिति में है। उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इस बार पार्टी बिहार के आगामी पंचायत चुनावों में भी पूरी ताकत के साथ अपने उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारेगी। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में भी पार्टी पूरी मजबूती के साथ अपने प्रत्याशी उतारेगी और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी।
डॉ. शशिभूषण प्रसाद ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने बताया कि इस बार उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में बिहार के नेता और कार्यकर्ता वहां जाकर जमीनी स्तर पर पार्टी को जिताने के लिए पूरी लगन और निष्ठा के साथ काम करेंगे। राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि इस मीटिंग का मूल ध्येय संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाना और उसे नई ऊर्जा देना था। इस बैठक के दौरान कई नए और प्रभावशाली लोगों ने पार्टी की नीतियों में विश्वास जताते हुए सुभासपा की सदस्यता ग्रहण की।













