मंगनी लाल की छुट्टी तय! प्रदेश अध्यक्ष बदल सकते हैं तेजस्वी, रेस में दो नेताओं के नाम सबसे आगे
आरजेडी के संगठन में बड़ा बदलाव हो सकता है। पार्टी में नई प्रदेश कमिटी के गठन को लेकर अटकलें तेज है। तेजस्वी यादव अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को बदलने वाले हैं।
आरजेडी के संगठन में बड़ा बदलाव हो सकता है। पार्टी में नई प्रदेश कमिटी के गठन को लेकर अटकलें तेज है। तेजस्वी यादव अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष को बदलने वाले हैं। माना जा रहा है कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की जगह नए नेता को जिम्मेदारी दी जा सकती है। विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव के बाद तेजस्वी यादव संगठन में बड़े बदलाव कर सकते हैं। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की छुट्टी तय मानी जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष के लिए नए नामों की चर्चा शुरू हो गई है।
बताया जा रहा है कि तेजस्वी यादव दिल्ली से लौटने के बाद आरजेडी की बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। जिला अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ तेजस्वी यादव बैठक करेंगे। इन बैठकों में संगठन की मजबूती, पार्टी की रणनीति और नए प्रदेश कमिटी के गठन पर चर्चा होगी। साथ ही बैठक के बाद नई टीम का ऐलान किया जा सकता है। सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि संगठन के कई अन्य पदों पर भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
वहीं मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल की जगह नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कई नाम सामने आ रहे हैं। जिसमें सबसे ज्यादा चर्चा कुमार सर्वजीत और आलोक मेहता के नाम की हो रही है। आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह भी रेस में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुमार सर्वजीत इस रेस में सबसे आगे हैं। वह लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव दोनों के करीबी माने जाते हैं। कुमार सर्वजीत बोधगया से आरजेडी विधायक हैं।
वहीं आलोक मेहता का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है। आलोक मेहता केंद्र और बिहार दोनों स्तर की राजनीति का अनुभव रखते हैं। वह सांसद भी रह चुके हैं और फिलहाल उजियारपुर से आरजेडी विधायक हैं। पार्टी में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। लालू यादव और तेजस्वी यादव के करीबी नेताओं में से एक हैं। आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह भी प्रदेश अध्यक्ष की रेस में हैं। सुधाकर लालू यादव के पुराने मित्र और प्रदेश अध्यक्ष रह चुके जगदानंद सिंह के बेटे हैं।
बता दें कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल द्वारा जारी एक आधिकारिक चिट्ठी की काफी चर्चा हो रही है। उस पत्र में उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि कई कार्यक्रम वरिष्ठ नेताओं को जानकारी दिए बिना किए जा रहे हैं और पार्टी के नियमों का पालन नहीं हो रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पिछले विधानसभा चुनाव में आरजेडी को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी। आरजेडी को सिर्फ 25 सीटों पर जीत मिली. ऐसे में तेजस्वी यादव अब नई टीम बना सकते हैं।