बिहार में बड़े सियासी उलटफेर की आहट, तेजस्वी को झटका दे रितु जायसवाल जाएंगी BJP में, RJD में बड़ी सेंधमारी की तैयारी

बिहार की राजनीति में जल्द एक बड़ा सियासी उलटफेर हो सकता है। तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी को बड़ा झटका लग सकता है। रितु जायसवाल बीजेपी में शामिल हो सकती है।

बिहार में बड़े सियासी उलटफेर की आहट, तेजस्वी को झटका दे रितु जायसवाल जाएंगी BJP में, RJD में बड़ी सेंधमारी की तैयारी
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: May 14, 2026, 3:21:00 PM

बिहार की राजनीति में जल्द एक बड़ा सियासी उलटफेर हो सकता है। तेजस्वी यादव की पार्टी आरजेडी को बड़ा झटका लग सकता है। राष्ट्रीय जनता दल की सबसे मुखर, पढ़ा-लिखा और तेजतर्रार महिला चेहरों में शामिल नेत्री अब भाजपा का दामन थामने जा रही हैं। सियासी गलियारे में अटकलें तेज है कि रितु जायसवाल बीजेपी में शामिल हो सकती है।  

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ रितु जायसवाल की बातचीत लगभग फाइनल हो चुकी है और वे जल्द ही आधिकारिक तौर पर बीजेपी का दामन थाम सकती है। रितु जायसवाल तेजस्वी यादव की बेहद करीबी रही हैं और पार्टी की राज्य प्रवक्ता और आरजेडी महिला सेल की प्रदेश अध्यक्ष रह चुकी हैं। ऐसे में राष्ट्रीय जनता दल के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक झटका माना जा रहा है।  

 बीते विधानसभा चुनाव में रितु जायसवाल और लालू परिवार के बीच कड़वाहट चरम पर पहुंच गई थी। इसके पीछे का कारण पार्टी नेतृत्व का रितु जायसवाल की उपेक्षा किया जाना बताया जा रहा है। परिहार विधानसभा सीट से टिकट नहीं मिलने से रितु जायसवाल बहुत नाराज थी और उन्होंने पार्टी  नेतृत्व पर कई गंभीर सवाल उठाए थे।   

रितु जायसवाल ने सीतामढ़ी जिले की परिहार विधानसभा सीट पर पांच साल तक लगातार पसीना बहाया था और वे वहां से आरजेडी के टिकट की स्वाभाविक दावेदार थीं। हालांकि आखिरी समय में तेजस्वी यादव ने उनकी दावेदारी को दरकिनार करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता रामचंद्र पूर्वे की बहू स्मिता गुप्ता को मैदान में उतार दिया।  इस फैसले से आहत होकर रितु ने बगावत कर दी और निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गईं। इसका नुकसान आरजेडी को हुआ था। रितु जायसवाल दूसरे नंबर पर रही थी और राजद की स्मिता गुप्ता तीसरे स्थान पर पहुंच गई थी। इसके बाद राजद ने उन्हें दल-विरोधी आचरण के आरोप में 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।   

बता दें कि रितु जायसवाल ने एक मुखिया से बड़ी पहचान बनाई।  अपने पति की आईएएस (IAS) स्तर की नौकरी की पृष्ठभूमि को छोड़कर वे बिहार के पिछड़े ग्रामीण इलाकों को बदलने के संकल्प के साथ दिल्ली से बिहार लौटी थीं। सीतामढ़ी की सिंहवाहिनी ग्राम पंचायत की मुखिया के रूप में उन्होंने विकास के ऐसे अभूतपूर्व मॉडल पेश किए कि उन्हें भारत सरकार द्वारा ‘सर्वश्रेष्ठ मुखिया’ के राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया।  उनकी इसी प्रशासनिक क्षमता, जमीनी पकड़ और टीवी डिबेट्स में प्रखर भाषण शैली को देखकर तेजस्वी यादव ने उन्हें पार्टी का मुख्य चेहरा बनाया था। वे आरजेडी की उन गिनी-चुनी नेताओं में से थीं जो युवाओं और आधी आबादी के बीच बेहद लोकप्रिय थीं। ऐसे में रितु जायसवाल के पार्टी छोड़ने से राजद को बड़ा झटका लग सकता है।