'नीतीश कुमार न होते तो जेल में होते' आनंद मोहन के बयान पर जदयू का करारा पलटवार, लेसी सिंह खूब गरजीं

पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन के बयान पर बिहार में सियासी तापमान काफी बढ़ा हुआ है। जेडीयू नेतृत्व पर ‘थैली की राजनीति’ करने और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘जीते जी दफन’ करने जैसे गंभीर आरोपों पर अब जेडीयू नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया सामने

'नीतीश कुमार न होते तो जेल में होते' आनंद मोहन के बयान पर जदयू का करारा पलटवार, लेसी सिंह खूब गरजीं
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By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
: May 18, 2026, 2:36:00 PM

पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन के बयान पर बिहार में सियासी तापमान काफी बढ़ा हुआ है। जेडीयू नेतृत्व पर ‘थैली की राजनीति’ करने और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘जीते जी दफन’ करने जैसे गंभीर आरोपों पर अब जेडीयू नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। जदयू नेताओं का कहना है कि दुनिया में किसी के पास ताकत नहीं है जो हमारे नेता को दफ़न कर सकें। जदयू प्रवक्ता ने यहां तक कह दिया कि नीतीश कुमार न होते तो आनंद मोहन जेल में होते। 

जेडीयू की वरिष्ठ नेता और मंत्री लेसी सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और क्षमता पर सवाल उठाना पूरी तरह गलत है। दुनिया में किसी के पास ताकत नहीं है जो हमारे नेता को दफ़न कर सकें।उन्होंने कहा कि सरकार और पार्टी से जुड़े सभी बड़े फैसले नीतीश कुमार की सहमति और मार्गदर्शन से ही लिए जाते हैं। लेसी सिंह ने साफ कहा कि दुनिया या देश में किसी की भी इतनी हैसियत, ताकत या औकात नहीं है जो नीतीश कुमार के राजनीतिक वजूद को खत्म कर सके या उन्हें जिंदा दफन कर सके।

लेसी सिंह ने यह भी कहा कि अगर कोई नेता नीतीश कुमार पर सवाल खड़ा करता है तो यह केवल व्यक्तिगत राय नहीं, बल्कि उस नेतृत्व व्यवस्था पर हमला है, जिसे बिहार की करोड़ों महिलाएं समर्थन देती हैं। उन्होंने पोटली देकर मंत्री बनने जैसे आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि जेडीयू में ऐसी कोई परंपरा या संस्कृति कभी नहीं रही है और न ही भविष्य में ऐसी राजनीति को स्वीकार किया जाएगा।

वहीं जेडीयू के आधिकारिक प्रवक्ता निहोरा यादव ने आनंद मोहन के आरोपों का आक्रामक जवाब देते हुए कहा कि आनंद मोहन खुद जेडीयू के प्राथमिक सदस्य भी नहीं हैं, ऐसे में उन्हें पार्टी के अंदरूनी मामलों और कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। जेडीयू प्रवक्ता ने आनंद मोहन को उनके अतीत और नीतीश कुमार के उपकारों की याद दिलाते हुए ‘कृतज्ञ’ होने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कानूनी और प्रशासनिक इच्छाशक्ति नहीं दिखाई होती, तो आनंद मोहन आज भी जेल की सुरक्षित सलाखों के पीछे अपनी सजा काट रहे होते। 

बता दें कि सीतामढ़ी में रविवार की शाम आयोजित एक कार्यक्रम में पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन ने जेडीयू नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आनंद मोहन ने कहा कि जेडीयू में फिलहाल थैली की राजनीति चल रही है, जो थैला लेकर गया सरकार में मंत्री बन गया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जीते जी दफन कर देने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बेहद खराब हालात वाले बिहार में JDU बनाई, उसे ऊंचा मुकाम दिया। लेकिन आज तो उनको जिंदा ही दफन कर दिया गया है।