बाबा बैद्यनाथ के जलाभिषेक को निकले श्रद्धालु, 'बोलबम' के जयघोष के बीच दलाबड़ से रवाना हुआ कांवड़ियों का जत्था

सावन के पवित्र माह में शिवभक्ति का उल्लास पूरे क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को जामताड़ा जिले के दलाबड़ गांव से श्रद्धालुओं का एक जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए रवाना हुआ। भगवान शिव के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया, जबकि श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ अपनी धार्मिक यात्रा पर निकले।
यात्रा का शुभारंभ नाला-दुमका मुख्य मार्ग स्थित बजरंगबली चौक से हुआ, जहां सभी कांवड़िए एकत्र हुए। यहां से वे निजी वाहनों के जरिए पहले सुल्तानगंज के लिए रवाना हुए। धार्मिक परंपरा के अनुसार श्रद्धालु सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेंगे और भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
इस यात्रा में लालन (संतोष) मंडल, विकास घोष, तापस घोष, सुबोध पाल, सुशांत मंडल, राणा बाउरी, झंटू कर्मकार, बिशु सहित कई शिवभक्त शामिल हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि सावन में कांवड़ यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व है और मान्यता है कि सबसे पहले लंकाधिपति रावण ने भगवान शिव की आराधना के लिए कांवड़ यात्रा की थी। वहीं, भगवान श्रीराम द्वारा सुल्तानगंज से गंगाजल लाकर देवघर में शिवलिंग पर अर्पित करने की परंपरा का भी उल्लेख मिलता है, जिसके बाद यह आस्था का सिलसिला निरंतर जारी है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जल चढ़ाने और दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जलाभिषेक के बाद सभी श्रद्धालु पुनः अपने गांव लौटेंगे। यात्रा पर रवाना होते समय कांवड़ियों के चेहरों पर श्रद्धा, उत्साह और भक्ति का अनूठा संगम साफ दिखाई दे रहा था।
जामताड़ा से संतोष कुमार की रिपोर्ट













