यूपी के बाद झारखंड पहुंचे मुकेश सहनी, पुलिस की कार्यशैली पर उठाएं सवाल
विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी सोमवार को झारखंड के पलामू पहुंचे। यहां उन्होंने सिकंदर चौधरी हत्याकांड के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जिला परिषद कार्यालय, डाल्टेनगंज में आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया और प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
धरना-प्रदर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुकेश सहनी ने कहा कि लगभग डेढ़ महीने पहले सिकंदर चौधरी की हत्या कर दी गई थी। इस घटना में कई लोगों को गोली लगी थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर मामले में अब तक न्याय नहीं मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सहनी ने बताया कि उन्होंने पलामू के पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर केस डायरी और जांच की प्रगति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि संबंधित थाना प्रभारी और अनुसंधान पदाधिकारी (आईओ) पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने एसपी के समक्ष सभी तथ्यों और बिंदुओं को विस्तार से रखा।
उन्होंने बताया कि एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा देते हुए 15 दिन का समय मांगा है। साथ ही आश्वस्त किया है कि सभी साक्ष्यों को एकत्र कर दोषियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। यदि आरोपी गिरफ्तार नहीं होते हैं तो उनके विरुद्ध कुर्की सहित अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। मुकेश सहनी ने कहा कि पार्टी प्रशासन को 15 दिन का समय दे रही है और उसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। उनकी पार्टी का स्पष्ट मत है कि न तो कोई निर्दोष फंसे और न ही कोई दोषी बच पाए। अपराधियों को सख्त सजा मिलने से समाज में कानून का भय कायम होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी। हमारे देश में अक्सर गरीब लोगों के साथ इसी तरह का अन्याय और अत्याचार होता है। गरीब, पिछड़े और दलित परिवारों के साथ न्याय सुनिश्चित कराना ही उनकी पार्टी की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय गरीबों और वंचितों के दरवाजे पर जाने वाले कई जनप्रतिनिधि ऐसी दुखद घटनाओं के समय पीड़ित परिवारों के साथ खड़े नहीं दिखाई देते। जनप्रतिनिधियों को जाति और वर्ग से ऊपर उठकर न्याय के पक्ष में खड़ा होना चाहिए, क्योंकि अपराधी की कोई जाति नहीं होती। वीआईपी हमेशा संविधान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के बताए रास्ते पर चलकर न्याय की लड़ाई लड़ती रहेगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव संघर्ष करेगी।
पलामू से विकास कश्यप की रिपोर्ट
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