अब जर्जर विद्यालय भवनों को मुफ्त में गिराएगी एमएसटीसी, शिक्षा विभाग, एमएसटीसी के बीच हुआ एमओयू
शिक्षा विभाग के कायाकल्प अभियान के तहत सरकारी संस्था मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉरपोरेशन (एमएसटीसी) जर्जर और पुराने विद्यालय भवनों को बिना किसी शुल्क के गिराने का काम करेगी।

पटना: राज्य के सरकारी विद्यालयों में जर्जर भवनों को हटाने की प्रक्रिया अब तेज होगी। शिक्षा विभाग के कायाकल्प अभियान के तहत सरकारी संस्था मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉरपोरेशन (एमएसटीसी) जर्जर और पुराने विद्यालय भवनों को बिना किसी शुल्क के गिराने का काम करेगी। भवनों को गिराने से निकलने वाले मलबे की बिक्री से प्राप्त राशि शिक्षा विभाग को दी जाएगी।
इस संबंध में शुक्रवार को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की उपस्थिति में शिक्षा विभाग और एमएसटीसी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम (बीएसईआईडीसी) के प्रबंध निदेशक अभिषेक पलासिया और एमएसटीसी के अपर महाप्रबंधक मलय मंडल ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर विशेष सचिव धर्मेन्द्र कुमार भी उपस्थित थे।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य जर्जर विद्यालय भवनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एमएसटीसी को पुराने और जर्जर भवनों को सुरक्षित तरीके से गिराने का अनुभव है। संस्था निर्धारित प्रक्रिया के तहत भवनों को गिराने और उससे निकलने वाले मलबे की बिक्री का काम करेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा। जर्जर विद्यालय भवनों को हटाने से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में भी मदद मिलेगी।











