शिक्षा विभाग का अहम निर्देश: सरकारी स्कूलों के बच्चों का खुलेगा बैंक खाता
बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र विद्यालय के अभिलेख में रखना अनिवार्य कर दिया गया है।

पटना: बिहार के सभी सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र विद्यालय के अभिलेख में रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक बच्चे का सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंक में एकल अथवा संयुक्त बैंक खाता खुलवाने का निर्देश दिया गया है। इसको लेकर शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों के पास पत्र भेजा है।
पत्र के माध्यम से कहा गया है कि केंद्र सरकार वर्ष 2014 से वित्तीय समावेशन के तहत सभी लोगों का सरकारी बैंकों में बैंक खाता खोलने पर जोर दे रही है। बैंक खाता खुलवाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। विद्यालयों में नामांकन के दौरान भी इसकी जरूरत पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने सरकारी विद्यालयों के सभी बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र विद्यालय अभिलेख में सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है।
शिक्षा विभाग ने कहा है कि सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक नजदीकी सरकारी या राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा के प्रबंधकों से संपर्क स्थापित करेंगे और विद्यालय में नामांकित सभी बच्चों का बैंक खाता खुलवाना सुनिश्चित करेंगे। इसमें विशेष रूप से उन बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें छात्रवृत्ति की राशि दी जानी है। बच्चों के बैंक खाते रहने से डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से सरकारी योजनाओं की राशि भेजने में सहूलियत होगी।
वहीं, जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रधानाध्यापकों को अपने क्षेत्र के ग्राम पंचायत मुखिया से संपर्क करने का निर्देश दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुखिया अथवा पंचायत सेवक तथा शहरी क्षेत्रों में संबंधित नगर निकायों द्वारा जन्म प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता है। शिक्षा विभाग ने इन दोनों कार्यों को 31 दिसंबर 2026 तक अभियान चलाकर पूरा करने का निर्देश दिया है।











