सम्राट ने कहा- बिहार के दूध, तरकारी व मछली को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजार तक है पहुंचाना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज कॉम्फेड पटना में Integrated Command and Control Centre (ICCC) का शिलापट्ट अनवारण कर उद्घाटन किया। पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है।

पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज कॉम्फेड पटना में Integrated Command and Control Centre (ICCC) का शिलापट्ट अनवारण कर उद्घाटन किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने Direct Account Transfer के अंतर्गत करीब 68.51 करोड़ रुपए की राशि का प्रत्यक्ष अंतरण किया और नव-निर्मित कॉल सेंटर (सुधा संपर्क) का उद्घाटन किया। यह भुगतान 1,46,66,061 लीटर दूध की आपूर्ति के एवज में किया गया है। पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है।
सुधा का विस्तार बिहार से बाहर भी किया जा रहा है - सचिव शीर्षत कपिल अशोक
कार्यक्रम के दौरान डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने प्रस्तुतीतरण के माध्यम से कॉम्फेड के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सुधा का विस्तार बिहार से बाहर भी किया जा रहा है। असम के तेजपुर में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता की इकाई शुरू हो चुकी है। असम में 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता की एक और इकाई स्थापित करने और कोलकाता में भी 10 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता की इकाई स्थापित करने की योजना है। राज्य के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति गठित करने का लक्ष्य है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 4804 नई समितियों का गठन किया गया है और राज्य में कुल 33,897 समितियां सक्रिय हैं। वर्तमन में प्रतिदिन लगभग 23.90 लाख किलोग्राम दूध का संग्रहण हो रहा है।
वित्तिय वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर प्रतिदन 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है
वित्तिय वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर प्रतिदन 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दुग्ध संग्रहण एवं परिवहन व्यवस्था की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। पशुपालकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर- 18003456199 पर 'सुधा संपर्क' कॉल सेंटर भी संचालित है। 3200 'सुधा सखी' तैयार करने का लक्ष्य है। जीविका के सहयोग से 31 मार्च 2027 तक राज्य की सभी 8053 पंचायतों में 'जीविका-सुधा बिक्री केंद्र' स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त महिलाओं पशुओं की नस्ल सुधार, बेहतर पोषण और दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के उपोयग, डुमरांव में बछिया पालन केंद्र, मुंगेर में सीमन स्टेशन और 12 टोटल मिकस्ड राशन (TMR) संयंत्र स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा- बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि एवं पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि एवं पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने, उन्हें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके उत्पादों को बेहतर बाजार देने के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार के दूध, तरकारी एवं मछली को राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है। दुग्ध उत्पादकों को बिचौलियों से मुक्त कर पारदर्शी तरीके से सीधे बैंक खाते में भुगतान सुनिश्चित करना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दुग्ध उत्पादकों के हित में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को यूनिक फार्मर आईडी उपलब्ध कराएं। जिसके माध्यम से दूध की गुणवत्ता, फैट और एसएनएफ की मात्रा और भुगतान की डिजिटल निगरानी संभव होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा- बिहार की पहचान बन चुका 'सुधा' ब्रांड अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित करेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की पहचान बन चुका 'सुधा' ब्रांड अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित करेगा। सरकार का लक्ष्य सुधा को एक अंतराष्ट्रीय ब्रांड के रूप में विकसित करना है। इसके लिए दुग्ध प्रसंस्करण, उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक तकनीकी और विपणन व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने गेट नंबर-2 जैविक उद्यान पटना में सुधा कैफ्टेरिया एवं तरकारी दुकान का उद्घाटन किया और वहां उपलब्ध की जानकारी ली
मुख्यमंत्री ने गेट नंबर-2 जैविक उद्यान पटना में सुधा कैफ्टेरिया एवं तरकारी दुकान का उद्घाटन किया और वहां उपलब्ध की जानकारी ली। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने मीठापुर मीन भवन अवस्थित 'फ्रेश कैच कियोस्क' एवं सुधा पार्लर का उद्घाटन किया और निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और उपलब्ध ताजा मछलियों को प्रजातियों को भी देखा। मुख्यमंत्री ने बक्सर से सिलीगुड़ी के लिए 'फ्रेश कैच' वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मस्त्य क्षेत्र के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में 100 'फ्रेश कैच कियोस्क' स्थापित किए जाएंगे। इसके माध्यम से बिहार की ताजी मछलियों को 'फ्रेश कैच' (Fish of Bihar) ब्रांड के तहत बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे मत्स्यपालकों की आय बढ़ाने के साथ उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि गांव, किसान, पशुपालक, महिलाएं और युवा सभी बिहार की विकास यात्रा के भागीदार बनें। दुग्ध उत्पादन, मत्स्यपालन, सहकारिता और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर बिहार को आर्थिक रूप से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनना है।
CM सम्राट के साथ डिप्टी सीएम, मंत्री के अलावा कई वरीय अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, निदेशक मत्स्य निदेशालय तुषार सिंगला, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति जुड़े हुए थे।











