आईजीआईएमएस में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने किया उद्घाटन
बिहार में गुणवत्तापूर्ण एवं अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने गुरुवार को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान पटना में क्षेत्रीय चक्षु संस्थान समेत कई सुविधाओं का उद्घाटन किया।

बिहार में गुणवत्तापूर्ण एवं अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने गुरुवार को इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस), शेखपुरा, पटना में क्षेत्रीय चक्षु संस्थान (आरआईओ) के मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स, क्रिटिकल केयर मेडिसिन (सीसीएम) आईसीयू, सीसीटीवी कंट्रोल रूम एवं कमांड सेंटर, सीटीवी रिकवरी एवं वेटिंग रूम तथा नवीन डायलिसिस यूनिट सहित कई अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर बिहार विधान सभा के मुख्य सचेतक एवं दीघा विधायक डॉ. संजीव चौरसिया तथा स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि सहित आईजीआईएमएस के वरिष्ठ चिकित्सक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार के लोगों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। आधुनिक चिकित्सा अवसंरचना, अत्याधुनिक उपकरणों तथा विशेषज्ञ उपचार सुविधाओं के विस्तार से गंभीर एवं जटिल बीमारियों के इलाज में नई क्षमता विकसित होगी तथा मरीजों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता लगातार कम होगी। उन्होंने कहा कि आईजीआईएमएस राज्य का प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी संस्थान है। यहां विकसित की गई नई सुविधाएं न केवल बिहार बल्कि पड़ोसी राज्यों से आने वाले मरीजों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगी। आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक आईसीयू, डायलिसिस सेवाओं के विस्तार तथा उन्नत निगरानी व्यवस्था से संस्थान की उपचार क्षमता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उद्घाटन के उपरांत स्वास्थ्य मंत्री ने नवनिर्मित चिकित्सा इकाइयों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न विभागों में उपलब्ध अत्याधुनिक उपकरणों एवं उपचार सुविधाओं की जानकारी ली तथा चिकित्सकों एवं अधिकारियों से इनके संचालन एवं मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से भी संवाद कर उपचार व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के क्रम में स्वास्थ्य मंत्री ने बाल हृदय रोग एवं समय से पूर्व जन्मे शिशुओं में होने वाली रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योरिटी (ROP) के प्रभावी उपचार एवं रोकथाम के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नवजात एवं बच्चों के गंभीर रोगों के समयबद्ध उपचार के लिए समर्पित व्यवस्था विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने संस्थान के अधिकारियों एवं चिकित्सकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। अस्पताल में स्वच्छता, दवा एवं जांच की पर्याप्त उपलब्धता, चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता तथा मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने संस्थान परिसर स्थित हर्बल गार्डन में आम का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण एवं औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।
उद्घाटित प्रमुख स्वास्थ्य सुविधाएं
क्षेत्रीय चक्षु संस्थान (आरआईओ) मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स
लगभग 10.25 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित इस परियोजना में छह अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए गए हैं। इनमें विट्रियो-रेटिना के दो, कॉर्निया एवं मोतियाबिंद के दो तथा ग्लूकोमा, ऑकुलोप्लास्टी एवं संक्रमित नेत्रों के उपचार हेतु दो ऑपरेशन थिएटर शामिल हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार के 60:40 वित्तीय सहयोग से विकसित यह कॉम्प्लेक्स एनएबीएच मानकों के अनुरूप बनाया गया है तथा प्रत्येक ऑपरेशन थिएटर में लगभग एक-एक करोड़ रुपये की लागत वाले अत्याधुनिक माइक्रोस्कोप लगाए गए हैं। इससे नेत्र शल्य चिकित्सा की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा मरीजों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी।
सीसीटीवी कंट्रोल रूम एवं कमांड सेंटर
लगभग 8.25 करोड़ की लागत से स्थापित इस आधुनिक कमांड सेंटर के माध्यम से पूरे आईजीआईएमएस परिसर की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी तथा अस्पताल प्रशासन की पारदर्शिता एवं दक्षता में वृद्धि होगी।
क्रिटिकल केयर मेडिसिन (सीसीएम) - 20 बेड आई.सी.यू.
लगभग 6.55 करोड़ की लागत से विकसित यह अत्याधुनिक क्लोज्ड आईसीयू गंभीर रूप से बीमार मेडिकल एवं सर्जिकल मरीजों के उपचार के लिए समर्पित है। यहां गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी एवं केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) से संबंधित गंभीर रोगियों के उपचार के साथ-साथ प्रोन वेंटिलेशन, हाई फ्रिक्वेंसी ऑसिलेटरी वेंटिलेशन (HFOV) एवं कंटीन्यूअस रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी (CRRT) जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
नवीन डायलिसिस यूनिट
नेफ्रोलॉजी विभाग में 16 नई डायलिसिस मशीनों के साथ सेवाओं का विस्तार किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 8.05 करोड़ की लागत आई है। नई मशीनों के संचालन से मरीजों की प्रतीक्षा अवधि में कमी आएगी तथा हेपेटाइटिस संक्रमित मरीजों के लिए अलग डायलिसिस सुविधा भी उपलब्ध होगी। अब तक इस इकाई में तीन हजार से अधिक डायलिसिस सत्र सफलतापूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं।
हर्बल गार्डन
संस्थान परिसर में विकसित हर्बल गार्डन मरीजों एवं उनके परिजनों को स्वच्छ एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आईजीआईएमएस शासी निकाय के अध्यक्ष के रूप में स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने की। संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) बिन्दे कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान में विकसित नई अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से गंभीर एवं जटिल रोगों के उपचार की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सुविधाओं के माध्यम से बिहार एवं आसपास के राज्यों के मरीजों को अधिक सुरक्षित, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।





















