बिहार के आनंद ने रचा इतिहास, बने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पुस्तक का विमोचन करने वाले भारतीय लेखक
बिहार के युवा पेशेवर, सामाजिक उद्यमी और लेखक आनंद प्रियदेव ने इतिहास रच दिया है। आनंद उन लोगों की श्रेणी में शामिल हो गये हैं, जिनके पुस्तक का विमोचन संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में किया जाएगा।

पटना: बिहार के युवा पेशेवर, सामाजिक उद्यमी और लेखक आनंद प्रियदेव ने इतिहास रच दिया है। आनंद उन लोगों की श्रेणी में शामिल हो गये हैं, जिनके पुस्तक का विमोचन संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में किया जाएगा। इस अनोखी उपलब्धि को पाने वाले आनंद बिहार के युवा लेखक हैं।
मिली जानकारी के अनुसार आनंद प्रियदेव की किताब Follow Your Heart का संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पुस्तक का विमोचन होगा। डेवलपमेंट एरिया के पेशेवर, सामाजिक उद्यमी और लेखक आनंद प्रिया देव अपनी संस्मरणात्मक पुस्तक Follow Your Heart का विमोचन आगामी 11 अक्टूबर 2026 को फ्रैंकफर्ट इंटरनेशनल बुक फेयर में करेंगे। इसके बाद 13 अक्टूबर 2026 को जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र परिसर में पुस्तक का विशेष विमोचन होगा, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी और उनके पूर्व सहयोगी उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा, 16 अक्टूबर 2026 को वेनिस स्थित Global Campus of Human Rights में वे पुस्तक पर विशेष Book Talk करेंगे।
बता दें कि Airtel और PepsiCo में लगभग एक दशक तक कार्य करने के बाद आनंद ने यूके और यूरोप से दो मास्टर डिग्रियाँ हासिल कीं और जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) में इंटर्नशिप की। इसके बाद उन्होंने Medic Mobile, Grameen Foundation और Karya जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ काम किया। उनका कार्य अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैला रहा है। आनंद दुनिया के करीब 70 से अधिक देशों की यात्रा कर चुके हैं। 2024 में उनके कार्यों और उनकी अहमियत को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के Social Forum में पैनल स्पीकर के रूप में आमंत्रित किया गया था।
ज्ञात हो कि आनंद मूलरूप से बिहार के नवादा जिले के निवासी हैं। आनंद एक ऐसी फैमिली से ताल्लुक रखते हैं, जहां शिक्षा को अहम महत्व दिया जाता है। आनंद के पिता की गिनती शिक्षाविद में होती है।
इस किताब को लेकर आनंद ने बताया कि Follow Your Heart साहस, अनिश्चितता, आत्म-खोज और जीवन के उद्देश्य की तलाश पर आधारित एक संस्मरण है। उनकी इस यात्रा ने उन्हें वर्ष 2022 में Ananda Foundation की स्थापना के लिए प्रेरित किया, जो महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता तथा आजीविका के अवसरों के क्षेत्र में कार्य करती है। यह पुस्तक कॉरपोरेट जीवन से अंतरराष्ट्रीय विकास और जमीनी स्तर पर सामाजिक बदलाव तक की एक असाधारण यात्रा को सामने लाती है और एक सरल संदेश देती है कि कभी-कभी अपने जीवन का उद्देश्य खोजने की शुरुआत अपने दिल की आवाज़ सुनने के साहस से होती है।













