एक्टिव मोड में बिहार पुलिस, 350 से अधिक सुपारी किलर की सूची तैयार, दबोचने की कार्रवाई शुरू
राज्य में एसटीएफ (विशेष टॉस्क फोर्स) अपराधियों को किसी घटना को अंजाम देने के बाद गिरफ्तार कर ही रही है। पुलिस महकमा की विशेष इकाई एसटीएफ ने राज्यभर में 350 से अधिक सुपारी किलर की सूची तैयारी की है और इन्हें दबोचने की कवायद भी तेजी से कर रही है।

राज्य में एसटीएफ (विशेष टॉस्क फोर्स) अपराधियों को किसी घटना को अंजाम देने के बाद गिरफ्तार कर ही रही है। बल्कि, विशेष खुफिया तंत्र और सशक्त पुलिसिंग की बदौलत किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने से पहले भी अपराधियों को दबोच रही है। पुलिस महकमा की विशेष इकाई एसटीएफ ने राज्यभर में 350 से अधिक सुपारी किलर की सूची तैयारी की है और इन्हें दबोचने की कवायद भी तेजी से कर रही है। इस कवायद से सुपारी किलिंग नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। यह जानकारी एसटीएफ के डीआईजी संजय कुमार सिंह ने पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के सभागार में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष जनवरी से अब तक 1716 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये सभी अपराधी चाहे टॉप-10 या हार्डकोर अपराधियों की श्रेणी में शामिल हैं। इनमें 63 अपराधियों पर जिला या राज्य स्तर पर ईनाम भी घोषित हैं। विभिन्न तरह की आपराधिक वारदातों में शामिल 27 अपराधियों को राज्य के बाहर से भी गिरफ्तार करके लाया गया है। उन्होंने कहा कि आपराधिक वारदात के 94 मामलों को घटना होने से पहले ही रोक लिया गया, जिसमें हत्या के 40, डकैती एवं छिनैती के 48 और अन्य तरह के अपराध से जुड़े 6 मामले शामिल हैं।
डीआईजी ने कहा कि पिछले आठ महीनों के दौरान अपराधियों के साथ पुलिस के 19 मुठभेड़ हुए, जिसमें तीन अपराधी मारे गए और 18 घायल हो गए हैं। इन मुठभेड़ों के माध्यम से कुख्यात अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करते हुए क्षेत्र में विधि-व्यवस्था की स्थिति को मजबूत की गई है। उन्होंने कहा कि संगठित अपराध को रोकने के लिए जिलावार विशेष कार्य बल के तैनात पदाधिकारी के स्तर से सक्रिय गिरोहों और इसके सदस्यों के संबंध में तैयार डाटाबेस के आधार पर संगठित गिरोहों के खिलाफ अभियान चलाकर गिरफ्तारी की जा रही है। इसमें भू-माफियाओं को भी चिन्हित करके कार्रवाई की जा रही है और उनके स्तर से अर्जित अवैध संपत्ति की पहचान कर पीएमएलए (प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट) के तहत कार्रवाई करने के लिए ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
डीआईजी ने कहा कि इस वर्ष अब तक 33 मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा किया गया है। इस दौरान एक एके-47 रायफल, दो इंसास रायफल के अलावा 398 देसी हथियार बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 1300 राउंड गोली भी बरामद की गई है। इसके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एनआईए के स्तर से भी जांच की जा रही है। बैंक, ज्वेलरी और गोल्ड लूट गिरोहों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस वर्ष करीब 10 किलो लूटे गए सोना, 50 किलो चांदी और 11.97 लाख कैश बरामद किए गए हैं। इसमें कर्नाटक के मैसूर स्थित ज्वेलरी शॉप लूट, महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिला के दाउदनगर थाना में हुई लूट, उड़ीसा के कोइंझर जिला बरबिला थाना में बैंक ऑफ महाराष्ट्र शाखा लूट कांड जैसे अन्य कई प्रमुख कांडों का खुलासा किया गया है। इन मामलों में शामिल 113 अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साईबर अपराध से जुड़े 19 मामलों को भी हल किया गया। इसके अलावा पटना, नालंदा, जमुई, मुंगेर, लखीसराय, बेगूसराय, समस्तीपुर और किशनगंज से 10 अपहृत व्यक्तियों को बरामद किया गया है।
संजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में सभी तरह के अपराधों में कमी आई है। बिहार नक्सवाद से पूरी तरह से मुक्त हो गया है। आत्मसमर्पण करने वाले 63 नक्सलियों को आत्मसमर्पण सह पुनर्वास नीति का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि कर्तव्य के दौरान दो जवान शहीद हो गए थे। मोतिहारी के चकिया थाना में कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर गिरोह की घेराबंदी के दौरान जवान श्रीराम यादव और जहानाबाद के घोसी थाना में एक अपराधी से मुठभेड़ के दौरान जवान धीरज कुमार शहीद हो गए।
एसपी अंजनी कुमार ने कहा कि अपराध और देशी आर्म्स सेल के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लोहा समेत अन्य कई सामानों के सप्लाइ नेटवर्क को भी ध्वस्त किया गया है। इसके अलावा एसटीएफ के पास 3 ड्रोन हैं, जिनका उपयोग एरियल सर्विलांस और ड्रोन मैपिंग के लिए किया जाता है। 9 जिलों में ड्रोन से 423 किमी क्षेत्र का सर्वेक्षण किया गया है। 99.86 एकड़ में अफीम की खेती को नष्ट किया गया है। 45 कुख्यात अपराधियों के ठिकानों की मैपिंग की गई है। इस मौके पर एसपी इम्तियाज अहमद भी मौजूद थे।











