पहले IIT में मारी बाजी अब दो सगे भाई एकसाथ बने SDM, गांववालों का जश्न देख...
बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर के दो सगे भाइयों ने बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर रातोंरात परिवार की किस्मत बदल दी। झंझारपुर के दो सगे भाइयों ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा पास कर एसडीएम बनने का सपना पूरा किया है।

बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर के दो सगे भाइयों ने बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर रातोंरात परिवार की किस्मत बदल दी। झंझारपुर के दो सगे भाइयों ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा पास कर एसडीएम बनने का सपना पूरा किया है। प्रशांत कुमार और हेमंत कुमार के एसडीएम बनने पर पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। इस बड़ी सफलता के बाद जब दोनों भाई अपने शहर पहुंचे तो लोगों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया।
दो सगे भाई 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर एसडीएम बने हैं। प्रशांत कुमार को बीपीएससी परीक्षा में 101वीं रैंक मिली है जबकि उनके छोटे भाई हेमंत कुमार ने 339वीं रैंक हासिल की है। दोनों मधुबनी के झंझारपुर नगर परिषद के वार्ड संख्या-16 के रहने वाले हैं।
दोनों भाई शिक्षक दंपति रामनाथ साहू और गीता प्रसाद के बेटे हैं। मोहना चौक से लेकर लंगड़ा चौक तक लोगों ने दोनों भाइयों का स्वागत किया और शोभायात्रा निकाली। साथ ही लोगों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से उनका जोरदार स्वागत किया।
दोनों भाई IIT में भी बाजी मार चुके हैं। बड़े भाई प्रशांत ने आईआईटी मंडी से बीटेक किया और इस समय जर्मनी में इंजीनियर के रूप में काम कर रहे हैं। जबकि छोटे भाई हेमंत ने आईआईटी गुवाहाटी से बीटेक किया है। वह बिहार सचिवालय में सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत रहे हैं। काम के साथ ही दोनों भाई बीपीएससी परीक्षा की तैयारी करते रहे और आखिरकार अब दोनों सीनियर डिप्टी कलेक्टर के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
दोनों भाइयों ने युवाओं से कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेनी चाहिए। उनका मानना है कि अगर लक्ष्य तय हो और पूरी लगन से तैयारी की जाए तो सफलता हर हाल में मिलती है। सम्मान समारोह में दोनों भाइयों ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और एक-दूसरे के सहयोग को दिया और साथ ही प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए सही रणनीति, लगातार मेहनत और आत्मविश्वास को सबसे जरूरी बताया।











