हिंदी के सम्मान में सजा जहानाबाद, साहित्यकारों और हिंदी सेवियों का हुआ अभिनंदन, डीएम-पूर्व DM हुए शामिल
जहानाबाद हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को नागरिक विकास मंच, जहानाबाद की ओर से कृष्णा गार्डन सभागार में 16वें हिंदी दिवस समारोह-2026 का आयोजन किया गया। समारोह में साहित्यकारों, कवियों, हिंदी प्रेमियों और शहर के गणमान्य लोगों ने भाग लिया।

जहानाबाद हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को नागरिक विकास मंच, जहानाबाद की ओर से कृष्णा गार्डन सभागार में 16वें हिंदी दिवस समारोह-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह में साहित्यकारों, कवियों, हिंदी प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शहर के गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में जहानाबाद के पूर्व जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह (IAS) मुख्य आकर्षण रहे। अरुण कुमार सिंह जहानाबाद में जिलाधिकारी के पद पर अपनी सेवा दे चुके हैं और वर्तमान में झारखंड सरकार के पूर्व मुख्य सचिव रह चुके हैं। जहानाबाद से उनके पुराने जुड़ाव के कारण समारोह में उनकी उपस्थिति खास रही। उन्होंने हिंदी दिवस समारोह के आयोजन की सराहना करते हुए हिंदी भाषा और साहित्य को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
समारोह के दौरान हिंदी और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों, कवियों एवं हिंदी सेवियों को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं शील्ड देकर सम्मानित किया गया। नागरिक विकास मंच पिछले 16 वर्षों से लगातार हिंदी दिवस समारोह का आयोजन करता आ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि यह आयोजन अब जहानाबाद की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मंच के लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्षों की मेहनत और निरंतरता से किसी आयोजन को इस मुकाम तक पहुंचाना सराहनीय है। ऐसे आयोजन हिंदी के प्रति सम्मान बढ़ाने के साथ साहित्यकारों और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हैं।
समारोह में पूर्व सांसद जगदीश शर्मा भी शामिल हुए। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि हिंदी हमारी संस्कृति और पहचान से जुड़ी भाषा है। हिंदी के प्रचार-प्रसार और साहित्यकारों के सम्मान की दिशा में नागरिक विकास मंच का प्रयास प्रशंसनीय है। समारोह में हिंदी के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी को हिंदी साहित्य से जोड़ने का संकल्प लिया गया।
जहानाबाद से बरुण कुमार की रिपोर्ट










