मां थावे मंदिर चोरी कांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, पांच दोषियों को सात-सात साल की सजा
गोपालगंज। बिहार के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां थावे दुर्गा मंदिर में हुई करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में अदालत ने पांच अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। फैसले के बाद सभी दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच चनावे जेल भेज दिया गया

गोपालगंज। बिहार के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां थावे दुर्गा मंदिर में हुई करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मंदिर के गर्भगृह से माता के बहुमूल्य आभूषण और दानपेटी चोरी करने के मामले में गोपालगंज सिविल कोर्ट में सीजेएम ज्योति भारती की अदालत ने पांच अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है। अदालत के फैसले के बाद सभी दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच चनावे जेल भेज दिया गया।
मां थावे वाली के दरबार में हुई इस बड़ी चोरी ने उस समय पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र मंदिर में हुई वारदात से भक्तों में नाराजगी थी। अब मामले में पांच दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद इसे न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मामले के अनुसार, 17 दिसंबर 2025 की रात चोरों ने थावे दुर्गा मंदिर के गर्भगृह का ताला काटकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर मंदिर से मां का सोने का मुकुट, हार, चांदी की छतरी समेत अन्य कीमती आभूषण लेकर फरार हो गए थे। इसके साथ ही करीब 50 किलोग्राम वजनी दानपेटी भी चोरी कर ली गई थी।
चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग 1.08 करोड़ रुपये बताई गई थी। धार्मिक स्थल में इतनी बड़ी चोरी की खबर सामने आते ही पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया था। वहीं, श्रद्धालुओं के बीच भी घटना को लेकर गहरा आक्रोश देखा गया था। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे।
पुलिस जांच में सामने आए पांच अभियुक्तों के नाम
घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी और जांच के बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में दोषी ठहराए गए पांच अभियुक्तों की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी दीपक राय, पूर्वी चंपारण जिले के गोविंदगंज थाना क्षेत्र के इजमामुल आलम, गोपालगंज नगर थाना क्षेत्र के अरार गांव निवासी शरीफ साईं उर्फ शरीफ आलम, चांद आलम तथा सीवान निवासी गुड्डन उर्फ गुडुल साईं के रूप में हुई है।
इस मामले में एक महिला की गिरफ्तारी की बात भी सामने आई थी। पुलिस की जांच के बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ी। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद गोपालगंज सिविल कोर्ट में सीजेएम ज्योति भारती की अदालत ने पांच अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को सात-सात साल की सजा सुनाई। फैसले के दौरान कोर्ट परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे।
सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक हिरासत में चनावे जेल भेज दिया गया। अदालत के इस फैसले को मंदिर चोरीकांड में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक विजय कुमार और अपर लोक अभियोजक आनंद शंकर शर्मा ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने दोषियों को सजा दिलाने की पैरवी की।
थावे दुर्गा मंदिर बिहार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल के गर्भगृह से आभूषणों और दानपेटी की चोरी ने भक्तों को गहरी ठेस पहुंचाई थी।
अब इस मामले में पांच दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाए जाने के बाद चोरीकांड को लेकर चल रही कानूनी कार्रवाई में अहम पड़ाव आया है। इस फैसले से मंदिर में हुई वारदात को लेकर न्याय की उम्मीद लगाए बैठे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच संतोष की भावना देखी जा रही है।
गोपालगंज/विजयीपुर से शंकर जी की रिपोर्ट













