स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल : सदर अस्पताल में रेबीज की इंजेक्शन खत्म, मरीज ऊंचे दामों में दवा खरीदने को मजबूर
स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों बदहाली के दौर से गुजर रही है। आलम यह है कि सामान्य दवाओं की कमी तो दूर, कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने पर लगने वाला जीवनरक्षक रेबीज का इंजेक्शन तक सदर अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध नहीं है।

गोपालगंज : जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों बदहाली के दौर से गुजर रही है। आलम यह है कि सामान्य दवाओं की कमी तो दूर, कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने पर लगने वाला जीवनरक्षक रेबीज का इंजेक्शन तक सदर अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध नहीं है। इसके चलते दूर-दराज से आने वाले गरीब मरीज निजी मेडिकल स्टोरों से महंगे और औने-पौने दामों में इंजेक्शन खरीदने को विवश हैं।
डीएम के प्रयास से आए 24 सौ के इंजेक्शन मात्र 3 दिनों में समाप्त
हाल ही में जिलाधिकारी डॉ. समीर सौरभ के विशेष प्रयास के बाद जिले को रेबीज रोधी टीके (ARV) की 24 सौ डोज उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि, मरीजों की भारी संख्या और भारी मांग के कारण यह पूरा स्टॉक मात्र तीन दिनों के भीतर ही खत्म हो गया। इसके बाद एक बार फिर अस्पतालों में टीकों का संकट गहरा गया है और रेफरल अस्पतालों से लेकर सदर अस्पताल तक मरीजों को बिना इलाज या बाहर से दवा खरीदने की सलाह दी जा रही है।
इंडेंट भेजा गया है, जल्द उपलब्ध कराया जाएगा टीका - सिविल सर्जन मोहम्मद इसराइल
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए जिले के सिविल सर्जन डॉ. मोहम्मद इसराइल ने बताया कि पहले भी डीएम साहब के व्यक्तिगत प्रयास से 2,400 रेबीज के इंजेक्शन मिले थे, जो अत्यधिक मांग के कारण तीन दिनों में समाप्त हो गए। उन्होंने कहा कि नए स्टॉक के लिए मांग-पत्र (इंडेंट) बनाकर स्वास्थ्य विभाग को भेज दिया गया है। डीएम सर के प्रयास से जल्द ही जिले में रेबीज के टीकों की नई खेप पहुंचेगी, जिसके बाद मरीजों को फिर से नि:शुल्क टीका उपलब्ध कराया जा सकेगा।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट













