अधिकारियों की कारगुजारी पर DM का चाबुक : जनशिकायत पोर्टल पर भ्रामक रिपोर्ट देने वाले 2 CO पर जुर्माना
बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई के दौरान लापरवाही और भ्रामक जानकारी देना अधिकारियों को महंगा पड़ गया। जिला पदाधिकारी समीर सौरभ द्वारा द्वितीय अपील के सात मामलों की गहन सुनवाई की गई।

गोपालगंज : बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत मामलों की सुनवाई के दौरान लापरवाही और भ्रामक जानकारी देना अधिकारियों को महंगा पड़ गया। जिला पदाधिकारी समीर सौरभ द्वारा द्वितीय अपील के सात मामलों की गहन सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान अतिक्रमण हटाने से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में भ्रामक तथ्य व प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर अंचलाधिकारी (CO) बरौली और अंचलाधिकारी कुचायकोट पर दो -दो हजार का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।
बरौली CO ने दी अतिक्रमण हटाने की गलत जानकारी
बरौली अंचल से जुड़े मामले में अंचलाधिकारी द्वारा रिपोर्ट दी गई थी कि अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमणमुक्त करा लिया गया है। हालांकि, सुनवाई में उपस्थित अपीलार्थी ने स्पष्ट किया कि मौके पर स्थिति जस की तस है और अतिक्रमण यथावत बना हुआ है। भ्रामक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए बरौली सीओ पर दो हजार का जुर्माना लगाया और जमीन को नियमानुसार तत्काल अतिक्रमणमुक्त कराने का सख्त निर्देश दिया।
कुचायकोट CO नोटिस तामिला का सबूत नहीं कर सके पेश
लोक शिकायत के एक अन्य मामले में कुचायकोट अंचलाधिकारी ने जानकारी दी कि अतिक्रमण वाद में नोटिस जारी कर दिया गया है। लेकिन जब उनसे नोटिस के तामिला की रिपोर्ट मांगी गई, तो वे कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। मामले में भ्रामक तथ्य पेश करने के आरोप में कुचायकोट सीओ पर भी दो हजार का अर्थदंड लगाया गया।
विभागीय कार्रवाई की चेतावनी
जिलाधिकारी ने दोनों अंचल अधिकारियों को सख्त ताकीद की है कि भविष्य में यदि इस तरह की पुनरावृत्ति पाई गई, तो कठोर अनुशासनिक व विभागीय कार्रवाई के लिए प्रशासी विभाग को अनुशंसित/प्रतिवेदित कर दिया जाएगा।
गोपालगंज से कुमार प्रदीप की रिपोर्ट













