जलापूर्ति योजना के संचालन में गड़बड़ी पर सचिव सख्त, कार्यपालक अभियंता का वेतन बंद
सचिव बी. कार्तिकेय ने लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, आरा के अंतर्गत बड़हरा प्रखंड में विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं का औचक निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति, संचालन एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार के सचिव बी. कार्तिकेय ने लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, आरा के अंतर्गत बड़हरा प्रखंड में विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं का औचक निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति, संचालन एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में सचिव ने बड़हरा प्रखंड की बबूरा पूर्वी पंचायत के वार्ड संख्या-07 में जलापूर्ति योजना का निरीक्षण किया। इस योजना के तहत 60 घरों में घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके बाद उन्होंने बबूरा पश्चिमी पंचायत के वार्ड संख्या-14 का निरीक्षण किया, जहां 55 घरों को नल कनेक्शन के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। वहीं, वार्ड संख्या-16 में 78 घरों तक नल कनेक्शन के माध्यम से पेयजल पहुंचाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान सचिव ने योजनाओं के संचालन, घरों तक नियमित जलापूर्ति एवं योजनाओं के रख-रखाव की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान जलापूर्ति योजना में गड़बड़ी एवं संचालन से संबंधित कमियां पाए जाने पर सचिव ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित अधिकारियों के प्रति कार्रवाई के निर्देश देते हुए कार्यपालक अभियंता का वेतन तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया साथ ही, कार्यपालक अभियंता से स्पष्टीकरण की मांग करते हुए प्रखंड क्षेत्र में बंद पड़ी सभी जलापूर्ति योजनाओं को एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से चालू कराने का निर्देश दिया गया।
सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक नियमित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने योजनाओं की सतत निगरानी करने, बंद योजनाओं को शीघ्र चालू कराने तथा जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
सचिव बी. कार्तिकेय ने कहा कि आमजन को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी संबंधित अधिकारी एवं अभियंता क्षेत्र में नियमित रूप से योजनाओं का निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकार की जलापूर्ति योजनाओं का वास्तविक लाभ प्रत्येक परिवार तक पहुंचे।










