उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव है लेकिन उससे पहले राष्ट्रीय लोक दल को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और पूर्व एमएलसी रामाशीष राय ने इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने पार्टी की नीतियों पर आरोप लगाए हैं। चुनाव के ठीक पहले पार्टी से उनके त्यागपत्र को राष्ट्रीय लोक दल के नजर से बड़ी घटना के रूप में देखा जा रहा है। कयास लगाये जा रहे हैं कि रामाशीष राय जल्द ही अपना पाला बदल सकते हैं और दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
मिली खबर के अनुसार राष्ट्रीय लोक दल के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष सह पूर्व एमएलसी रामाशीष राय ने शुक्रवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे में पार्टी की नीतियों पर कई आरोप लगाए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और जय प्रकाश नारायध की चर्चा करते हुए लिखा कि आज संविधान, लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर हो रहे प्रहार से लोकतंत्र खतरे में है। मैं राजनीति में जेपी के संपूर्ण क्रांति आंदोलन से प्रेरित होकर जुडा था। उस वक्त भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी, लोकतांत्रिक संस्थाओं का क्षरण और शासन प्रशासन की जवाब णेही जैसे प्रश्न राष्ट्रीय चिंता के विषय थे। जेपी ने संपूर्ण क्रांति का आह्वान करते हुए व्यवस्था परिवर्तन का जो सपना देश के सामने रखा था, वह आज भी अधूरा प्रतीत होता है।
उन्होंने लिखा है कि भारतीय लोकतंत्र धीरे-धीरे धनबल और प्रभावशाली वर्गों के नियंत्रण में सिमटता दिखाई दे रहा है। समाज को जाति, उपजाति और संप्रदाय के आधार पर विभाजित करने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। किसान अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए संघर्ष कर रहा है। नौजवान बेरोजगारी और भविष्य की अनिश्चितता से जूझ रहा है। शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक न्याय के क्षेत्र में बढ़ती निराशा जनमानस में असंतोष को जन्म दे रही है। देश के महापुरुषों ने सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और बंधुत्व की भावना को मजबूत करने के लिए जाति तोड़ो समाज जोड़ों का संदेश दिया था। दुर्भाग्य से आज सार्वजनिक जीवन में ऐसे लोग भी उच्च स्थान पर हैं, जो सामाजिक विभाजन और जातीय उन्माद को बढ़ावा दे रहे हैं। यह प्रवृत्ति लोकतंत्र, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय हित तीनों के लिए घातक है।
इसके अलावा अपने त्यागपत्र में रामाशीष ने कई अन्य बातों का भी जिक्र किया है। बता दें कि चंद रोज पहले ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अनुपम मिश्रा को राष्ट्रीय लोक दल का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया था। तभी से यह बातें सामने आ रही थी कि आने वाले दिनों में रामाशीष राय पार्टी को छोड़ सकते हैं। रामाशीष राय भारतीय युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह कांग्रेस की टिकट पर देवरिया से चुनाव भी लड़ चुके हैं। ऐसे में यह भी कयास लगाये जा रहे है कि वह कांग्रेस में भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि अपनी आगे की रणनीति को लेकर रामाशीष राय ने अपने पत्ते को नहीं खोला है।
ब्यूरो रिपोर्ट