लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लगातार बारिश से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। लखनऊ के फैजुल्लागंज समेत कई इलाकों में 10 हजार से ज्यादा परिवार पांच दिनों से बाढ़ से जूझ रहे हैं। घरों में पानी घुस गया है लोग छतों के सहारे दिन काटने को मजबूर हैं। हालत यह हो गए कि जिला प्रशासन को इलाके में नव चलवानी पड़ी। नाराज ग्रामीणों ने विधायक योगेश शुक्ला की गाड़ी रोककर हंगामा किया। वहीं सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना है कि लखीमपुर और पीलीभीत से छोड़े जा रहे बारिश के पानी के कारण गोमती का जलस्तर अचानक से बढ़ गया है। अभी करीब तीन दिन इसको लेवल में आने में लगेंगे।
लखनऊ के कई इलाके जलभराव से जूझ रहे हैं
आपको बता दें कि फैजुल्लागंज के लोहरामऊ, श्याम सुंदर कॉलोनी, गोमती पुरम, गणेश विहार, मामा कॉलोनी, दाऊद नगर, दुर्गा कॉलोनी, पवन विहार और कृष्णा विहार में बड़ी संख्या में लोग जलभराव से जूझ रहे हैं। स्थानीय निवासी ममता त्रिपाठी ने बताया कि राहत सामग्री राहत केंद्रों तक ही सीमित रह जा रही है। बस्तियों में खाने और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पा रही है। कई परिवार घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। दाऊदनगर, मिलनतनगर, रामनगर, गणेश विहार और मामा कॉलोनी में कई मकानों पर ताले लटक रहे हैं।
रात में जागकर घरों की रखवाली
वहीं जल भराव ग्रसित इलाकों के लोगो को चोरी का डर भी सता रहा है। लोग रात दो-तीन बजे तक जागकर घरों की रखवाली कर रहे हैं। कई लोगों ने घर के मुख्य गेट पर ईंटों की छोटी दीवार खड़ी कर पानी रोकने की कोशिश की है, लेकिन बढ़ते जलस्तर के सामने यह इंतजाम भी बेअसर साबित हो रहा है।
विधायक की गाड़ी को ग्रामीणों ने रोका
बाढ़ की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों की नाराजगी का सामना बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला को भी करना पड़ा। इटौंजा में राहत सामग्री बांटने पहुंचे विधायक योगेश शुक्ला की गाड़ी ग्रामीणों ने रोक लिया और हंगामा करने लगे। ग्रामीण दुघरा और अकड़रिया के लिए मोटरबोट, भोजन और राशन की मांग कर रहे थे।
मंदिरों में भी घुसा पानी
गोमती के बड़े जलभराव का असर गोमती नगर स्थित रिवर फ्रंट पर भी देखने को मिला। नदी का पानी रिवर फ्रंट पर भी भर गया। इसके कारण हजारों पेड़-पौधे पानी में डूबे हैं। क्रूज निर्माण के लिए रखा सामान भी पानी की चपेट में आ गया है। लामार्ट की ओर बन रहे ग्रीन कॉरिडोर के निर्माण स्थल पर भी पानी भर गया है। इसके साथ ही प्राचीन लेटे हनुमान जी मंदिर के गर्भ ग्रह और हनुमत धाम परिसर में भी पानी पहुंच गया है।