अलीगढ़ : विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा के क्रम में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ पहुंचे। अलीगढ़ पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं, निषाद-कश्यप समाज के लोगों एवं समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। संकल्प यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में समाज के भाई-बंधुओं एवं माता-बहनों की मौजूदगी रही। इस दौरान सहनी ने आरक्षण के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा कि निषाद-कश्यप समाज अब अपने हक और अधिकार के लिए पूरी तरह जाग चुका है।
मुकेश सहनी ने कहा कि अलीगढ़ में उमड़ा जनसैलाब और समाज के लोगों का समर्थन साफ संदेश दे रहा है कि निषाद समाज अपने अधिकार के लिए किसी भी परिस्थिति में पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प स्पष्ट है और हमारी आवाज भी स्पष्ट है, “आरक्षण नहीं तो भाजपा को वोट नहीं।” उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल समाज के अधिकार और भविष्य को नहीं समझेगा, समाज भी उसे समझने के लिए बाध्य नहीं है।
सहनी ने कहा कि कश्यप समाज जाग चुका है और निश्चित तौर पर अपना आरक्षण लेकर रहेगा। उन्होंने कहा कि अधिकार मांगने से नहीं, बल्कि उसके लिए मजबूती से संघर्ष करने से मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकारें उसी समाज की आवाज सुनती हैं, जो अपने अधिकार के लिए एकजुट होकर खड़ा होता है। उन्होंने लोगों से अपने बच्चों के भविष्य और सम्मान के लिए आरक्षण की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने हाल में दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि जब युवा अपने अधिकार और जवाबदेही की मांग को लेकर मजबूती से खड़े हुए तो सरकार को भी कदम उठाने पड़े। सहनी ने कहा कि यह साबित करता है कि लोकतंत्र में जनता और युवाओं की एकजुट आवाज की ताकत होती है। उन्होंने कहा कि आरक्षण भीख नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व का अधिकार है। मुकेश सहनी ने दशरथ मांझी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब एक व्यक्ति संकल्प लेकर वर्षों तक पहाड़ तोड़ सकता है और रास्ता बना सकता है, तो समाज भी दृढ़ निश्चय के साथ अपने अधिकार का रास्ता बना सकता है। उन्होंने जोश भरते हुए कहा कि यदि समाज यह ठान ले कि अपने बच्चों के लिए आरक्षण लेकर रहेगा, तो दुनिया की कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती। इसके लिए आत्मविश्वास, एकजुटता और संघर्ष की जरूरत है।
सहनी ने आरोप लगाया कि 2022 में उत्तर प्रदेश में वीआईपी ने जगह-जगह चुनाव लड़कर निषाद समाज की आवाज को मजबूत किया था। उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक दलों को लगा कि मुकेश सहनी आने वाले समय में अपने दम पर राजनीतिक ताकत खड़ी कर सकता है, तब उन्हें रोकने के प्रयास किए गए। सहनी ने दावा किया कि इसी वजह से उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किया गया और उनके विधायकों को तोड़ा गया।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव, सत्ता की ताकत या किसी भी तरह की बाधा निषाद-कश्यप समाज की आवाज को दबा नहीं सकती। उन्होंने समाज के लोगों से कहा कि वे अपने बच्चों के भविष्य, सम्मान और अधिकार के लिए एकजुट रहें। उन्होंने दोहराया कि निषाद आरक्षण का मुद्दा केवल चुनावी राजनीति का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। अलीगढ़ की सभा में उन्होंने समाज से आरक्षण के लिए निर्णायक संघर्ष का संकल्प लेने का आह्वान किया।