यूसीसी बिल: एनडीए के घटक दलों के अलग अलग बोल, विरोध में उतरी जेडीयू, कुछ ने कही अवलोकन की बात

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूसीसी बिल पर दिए गए बयान के बाद राज्य की राजनीति में बयानों का दौर शुरू हो गया है।

पटना: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूसीसी बिल पर दिए गए बयान के बाद राज्य की राजनीति में बयानों का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ जहां एनडीए के घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने बिल के अवलोकन के बाद अपना मत रखने की बात कही है वहीं दूसरी तरफ एक और घटक दल लोकजनशक्ति पार्टी रामविलास का भी इसी से मिलता जुलता बयान सामने आया है। जेडीयू ने इस पूरे मसले पर सबसे अलग रूख अपनाया। इस संबंध में गृहमंत्री अमित शाह से मिलने की भी बात पार्टी की तरफ से कही गयी।

यूसीसी बिल पर सोमवार को राज्य के दो अहम राजनैतिक दलों की प्रतिक्रिया सामने आयी। पहले राष्ट्रीय लोक मोर्चा की तरफ से बयान आया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाजपा शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू करने के बयान के बाद सोमवार को कहा कि यूसीसी पर केंद्र सरकार का क्या प्रस्ताव आता है? उसके आधार पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा विचार विमर्श करके अपना पक्ष  रखेगा। उन्होंने एक प्रेस बयान जारी कर यह बातें कही। वहीं दूसरी तरफ लोजपा रामविलास सुप्रीमो चिराग पासवान ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया दी।

चिराग ने लिखा कि भारत का सामाजिक ताना-बाना विविधतापूर्ण है। हर वर्ग की अपनी नागरिक परंपराएँ और रीति-रिवाज हैं। संविधान ने स्वयं इसे स्वीकार किया है। पाँचवीं-छठी अनुसूची, अनुच्छेद 371A व 371G, और अब तक की हर संहिता में अनुसूचित जनजातियों को दी गई छूट इसका प्रमाण है। मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) समानता और विविधता - दोनों के प्रति प्रतिबद्ध है। प्रारूप सार्वजनिक हो, सभी हितधारकों के हितों का अवलोकन हो, व्यापक विचार-विमर्श हो - तत्पश्चात अवलोकन उपरांत पार्टी अपना मत रखेगी।

इस बिल पर जेडीयू की तरफ से एकदम अलग रूख देखने को मिला। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और विधायक श्याम रजक ने कहा कि बिहार में यूसीसी लागू नहीं होगा।  उनका कहना था कि पार्टी ने संसद में कानून का समर्थन जरूर किया था, लेकिन उसी समय यह भी स्पष्ट कर दिया था कि बिहार में इसे लागू नहीं किया जाएगा। इसी मुद्दे को लेकर जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा जल्द ही गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर इस मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखेंगे। जबकि जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा यूसीसी के मसले पर जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे।

हालांकि इसके उलट एनडीए के एक अन्य घटक दल हम पार्टी ने अलग बयान दिया। पार्टी की तरफ से यूसीसी बिल पर सार्थक रूख दिखाया गया और यूसीसी बिल का समर्थन किया। हालांकि साथ ही आरक्षण में कोटे में कोटा की भी बात कह दी। पार्टी के अध्यक्ष और बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने सोमवार को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर बयान जारी करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने समान नागरिक संहिता को लेकर जो दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है, हम उसका हृदय से स्वागत करते हुए पूर्ण समर्थन करते हैं। साथ ही, गृहमंत्री से हमारा विनम्र आग्रह है कि अनुसूचित जाति के आरक्षण में कोटे में कोटा और वर्गीकरण के विषय पर भी गंभीरता से पहल करें। जिस प्रकार हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है, उसी प्रकार जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ भी कोटे में कोटा लागू करने की पहल हो।