बिहार की राजनीति में इन दिनों दिल्ली के एक होटल से ताल्लुक रखने वाले कथित मंत्री चप्पल कांड की गूंज है। एक तरफ जहां इ मामले पर लोजपा रामविलास के मंत्री संजय कुमार सिंह का बयान आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ तेज प्रताप यादव ने भी बयान दिया था। अब इसी कडी में विधायक आइपी गुप्ता का नाम जुड गया है। गुप्ता ने इस पूरे मामले की जांच कराये जाने की मांग की है।
सोमवार को विधायक आइपी गुप्ता ने कहा कि यह पूरा मामला एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार से तत्काल एसआइटी गठन किए जाने की मांग की। उनका कहना था कि इस पूरे प्रकरण से बिहार सरकार और राज्य की प्रतिष्ठा पर सवाल उठे हैं। जनता के बीच में पैदा हुए संशय को दूर करने के लिए निष्पक्ष जांच कराना जरूरी है। इस तरह के सवाल जो किसी मंत्री से जुडे हो और वह राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाए, ऐसे में सरकार जवाबदेह बन जाती है। ऐसी स्थिति में स्पष्ट होनी चाहिए, जिसे स्थिति साफ हो।
आइपी गुप्ता ने राज्य सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक एसआइटी का गठन किया जाए। जांच की जाए जो निष्पक्ष हो। यदि जांच के बाद संबंधित मंत्री दोषी पाये जाते हैं तो उनके खिलाफ कडी कार्रवाई की जाए। उनका यह भी कहना था कि यदि इस पूरी जांच में संबंधित मंत्री निर्दोष पाये जाते हैं, तो कथित रूप से भ्रामक जानकारी फैलाने वाले मीडिया संस्थानों या अन्य जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई पर विचार करना चाहिए।
ज्ञात हो कि इस पूरे मामले पर तेजप्रताप यादव कडा रुख अपनाए हुए हैं। तेज प्रताप यादव के बाद अब आइपी गुप्ता ने इस पूरे मामले पर अपना बयान दिया है। हालांकि इस मामले में तब एक नया मोड आ गया था, जब मंत्री संजय कुमार सिंह ने तेज प्रताप यादव पर मानहानि का नोटिस जारी किया। अब इस मामले में आइपी गुप्ता ने नयी बात कह दी है।