केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी ने बिहार में शराबबंदी को लेकर फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शराबबंदी कानून में ढील देने की वकालत करते हुए कहा कि थोड़ा-थोड़ा पीने वाले लोगों को नहीं पकड़ना चाहिए। साथ ही जीतन राम मांझी ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। एनडीए में शामिल हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी ने अपनी मांग को दुहराते हुए कहा कि बिहार में शराबबंदी का गुजरात मॉडल लागू होना चाहिए।
सोमवार को दिल्ली रवाना होने से पहले पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार को धन्यवाद देते हुए कहा कि हमारे कहने पर उन्होंने शराबबंदी कानून की तीसरी समीक्षा की बात की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर एक लीटर शराब लेकर कोई जाते रहे तो उसको पकड़ने की जरूरत नहीं है या पीकर जाते रहे तो उसको पकड़ने की जरुरत नहीं है और अगर है भी तो उसको जमानत पर छोड़ देना चाहिए।
वहीं शराबबंदी पर दिए अपने बयान पर जीतन राम मांझी ने कहा कि उन्होंने जो बयान दिया है वह उनकी निजी राय है। मांझी ने कहा कि मैं हमेशा से कहता रहा हूं, जब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री थे तब भी, मैं जानता हूं कि आज 11 लाख लोग किसी न किसी रूप में मुकदमे में फंसे हुए हैं। इसमें 5 से 6 लाख लोग सिर्फ एससी के लोग हैं। सिड्यूल कास्ट के लोग इसलिए फंसे हुए हैं कि शराबबंदी कानून को हमारे पदाधिकारी लोग नहीं मान रहे हैं।
वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस के लोग हजार लाख लीटर शराब ले जाने वाले लोगों को छोड़ दे रहे हैं लेकिन वहीं एक लीटर लेकर जाने वाले या पीने वाले लोगों को जेल भेज दिया जा रहा है। इसलिए कहता हूं कि शराबबंदी होना ही चाहिए लेकिन जो इस कानून का पालन कराने वाले लोग है, वह गड़बड़ कर रहे हैं। बड़े लोगों को छोड़ देते हैं और गरीबो को पकड़ लेते हैं।
बता दें कि केंद्रीय मंत्री और हम पार्टी के संरक्षक जीतन राम मांझी ने रविवार को हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा की युवा इकाई की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बिहार में शराबबंदी कानून पर सवाल उठाए थे। उन्होंने फिर गुजरात मॉडल की मांग उठाई है। केंद्रीय मंत्री ने गुजरात की तर्ज पर नियंत्रित व्यवस्था का सुझाव दिया। मांझी पहले भी शराबबंदी की समीक्षा की मांग कर चुके हैं। जीतन राम मांझी ने शराबबंदी कानून को लेकर सीएम सम्राट चौधरी से बड़ी मांग कर दी है और कहा है कि गुजरात मॉडल की तर्ज पर बिहार में शराबबंदी लागू हो।