राजधानी पटना की सबसे हॉट सीट बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को सियासी सरगर्मी तेज है। बीजेपी, राजद और जन सुराज समेत तमाम पार्टी के उम्मीदवारों का नामांकन हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा ने सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
भाजपा पहले इस उप चुनाव के लिए अभिषेक कुमार को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन बाद में उन्होंने पारिवारिक कारणों से चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर दी। इसके बाद नीरज सिन्हा को मौका मिला है। जिसको लेकर आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है। रोहिणी ने X पर पोस्ट कर बीजेपी की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि बांकीपुर में बीजेपी ने जबरिया दूल्हा बनाया है।
रोहिणी आचार्य ने X पर पोस्ट कर बीजेपी की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इज्जत बचाने के लिए आनन-फानन में नया उम्मीदवार उतारा गया। पहले उम्मीदवार तय, फिर अचानक पीछे हटे। रोहिणी ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार के जबरिया विवाह की तरह हुई जबरिया उम्मीदवारी। अब देखना होगा जबरिया दूल्हा चुनावी फेरे पूरे कर पाता है या नहीं।
रोहिणी आचार्य ने एक्स पर लिखा है-बीजेपी का 'जबरिया दुल्हा' चुनावी फेरे ले पाएगा या नहीं ? बिहार में 'जबरिया विवाह/जबरिया दुल्हा ' बनाने की कहानियां तो बहुत सुनी थीं, जहाँ लड़के को अगवा करके जबरन सिंदूर दान करवा दिया जाता था। लेकिन राजनीतिक.संदर्भ में पटना की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की सीट पर पहली बार 'जबरिया उम्मीदवारी' का लाइव नजारा बीजेपी के सौजन्य से ही देखने को मिला है!
पहले बीजेपी ने बड़े गाजे-बाजे के साथ किसी अभिषेक कुमार सिन्हा का टिकट फाइनल किया, लड्डू बांटे गए, बीजेपी के नेताओं की बारात सज गयी , लगा कि दूल्हा सात फेरे लेने को तैयार है, लेकिन अगले ही दिन खबर आई कि 'पारिवारिक कारणों' से दूल्हे ने चुनावी फेरे लेने से इनकार कर दिया।
रोहिणी आगे लिखती हैं-अब जब बारात दरवाजे पर खड़ी हो और दूल्हा गायब हो जाए, तो इज्जत बचाने के लिए आनन-फानन में क्या किया जाता है ? वही, जो पुरानी फिल्मों में होता था-दूल्हे के छोटे भाई या बगल के किसी सीधे-साधे लड़के को पकड़ो, सेहरा पहनाओ और मंडप में बिठा दो!" बीजेपी ने भी यही किया। मात्र कुछ ही घंटों के भीतर 'जबरिया नीति' अपनाते हुए किसी नीरज कुमार सिन्हा को बुलाया गया, उसके सिर पर पार्टी का सिंबल (सेहरा) बांधा गया और कहा गया "बाबू अब इज्जत दांव पर लगी है, बस किसी तरह से कमलगट्टों की फ़ौज व् निक्कर गैंग की लाज बचाओ। अब देखना दिलचस्प है कि ' जबरिया दुल्हा ' चुनावी मंडप में टिक कर चुनावी फेरे ले पाता है या फेरों के बीच ही बैठ जाता है !!
बता दें कि बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना होगी। यह सीट भाजपा नेता नीतिन नवीन के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई थी। नीतिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने बांकीपुर विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी थी। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) होगी, जबकि 16 जुलाई तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।