विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश के देवरिया में भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आरक्षण नहीं तो वोट नहीं। अब निषाद समाज का संकल्प है और यदि वर्ष 2027 से पहले निषाद समाज को अनुसूचित जाति का आरक्षण नहीं मिला तो समाज भाजपा के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेगा।
मुकेश सहनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही 101 दिनों की निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा के दौरान पूरे प्रदेश में निषाद समाज गंगाजल हाथ में लेकर संकल्प लेगा कि यदि मोदी-योगी सरकार 2027 से पहले आरक्षण देती है तो समर्थन मिलेगा, अन्यथा भाजपा को वोट नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से निषाद समाज आरक्षण की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन सरकार केवल वादे कर रही है। यदि छह महीने के भीतर डॉ. संजय निषाद समाज को आरक्षण दिलाने का निर्णय नहीं करा पाते हैं तो आगे की राजनीतिक रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि वीआईपी इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी है और राहुल गांधी के नेतृत्व में सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ेगी।
सहनी ने कहा कि 2029 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए हम पूरी ताकत लगाएंगे। देश में जातीय जनगणना कराकर जिसकी जितनी आबादी होगी, उसे उतना अधिकार और आरक्षण मिलना चाहिए। सहनी ने योगी सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें लखनऊ में कई दिनों तक हाउस अरेस्ट रखा गया और अब देवरिया में भी कार्यक्रम रोकने की कोशिश की गई। भारी पुलिस बल तैनात कर माइक बंद करा दिया गया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार लोगों को अपनी बात रखने से रोकना चाहती है तो खुलकर आपातकाल घोषित कर दे। लोकतंत्र में किसी भी नागरिक को शांतिपूर्ण बैठक करने से नहीं रोका जा सकता।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब सब कुछ देख और समझ रही है। निषाद समाज को केवल चुनाव के समय याद करने वाली राजनीति अब ज्यादा दिन नहीं चलेगी। समाज अपने अधिकारों, सम्मान और हिस्सेदारी के लिए एकजुट हो चुका है। आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता उन दलों को जवाब देगी जिन्होंने वर्षों तक केवल वादे किए, लेकिन आरक्षण और सामाजिक न्याय के सवाल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने कथित फर्जी एनकाउंटर के मामलों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार जनता की रक्षक बने, भक्षक नहीं। किसी आत्मसमर्पण करने वाले व्यक्ति का एनकाउंटर महापाप है। वीआईपी हर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ती रहेगी।
मुकेश सहनी ने कहा कि उन्होंने मंत्री पद समाज के अधिकारों के लिए छोड़ा था और आगे भी पद नहीं, बल्कि निषाद समाज के सम्मान, आरक्षण और संविधान की रक्षा की लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब निषाद समाज पूरी तरह जाग चुका है और अपने बच्चों के भविष्य के लिए निर्णायक संघर्ष करेगा।