बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार मंगलवार को अचानक जनता दल (यू) कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने कार्यालय की व्यवस्था का जायजा लिया और वहां चल रहे कार्यों को लेकर पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। वहीं नीतीश कुमार ने कार्यालय में चल रहे ‘जनसुनवाई’कार्यक्रम का निरीक्षण किया और जनसुनवाई को प्रभावी ढंग से संचालित करने का निर्देश दिया।
नीतीश कुमार जब जदयू कार्यालय पहुंचे तो उन्होंने परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय में रखे सामानों के रखरखाव और व्यवस्थित तरीके से उन्हें रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय के सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान पर व्यवस्थित तरीके से रखा जाए ताकि कामकाज में सुगमता बनी रहे। नीतीश कुमार जब पहुंचे, उस समय उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और मंत्री शीला मंडल जनसुनवाई कार्यक्रम में लोगों की शिकायतें सुन रहे थे।
नीतीश कुमार ने बीच में पहुंचकर पूरी प्रक्रिया को देखा। उन्होंने मंत्री शीला मंडल को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनसमस्याओं को न केवल गंभीरता से सुना जाए, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी निदान भी सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी वहां मौजूद थे। नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री के साथ पार्टी और राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर लंबी चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने विजय चौधरी से कहा कि यहां भी व्यवस्था बेहतर ढंग से की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने कई काम किए हैं और सब कुछ व्यवस्थित दिख रहा है। विजय चौधरी ने कहा कि 21 जून को यहां बड़ी बैठक प्रस्तावित है और उसके लिए तैयारियां की जा रही हैं। वहीं राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा में कथित कटौती के सवाल पर उन्होंने कहा कि गृह विभाग में सुरक्षा के लिए निर्धारित मानक हैं। उन्हीं मानकों के आधार पर किसी की सुरक्षा बढ़ाई या घटाई जाती है।
इससे पहले मंगलवार की सुबह नीतीश कुमार अचानक संजय झा के आवास पहुंचे, लेकिन वहां जो हुआ उसने मौजूद कार्यकर्ताओं, नेताओं को हैरान कर दिया। नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं और मीडिया से दूरी बनाए रखी। कई बार अनुरोध के बावजूद लोगों से बात नहीं की और कुछ ही देर के लिए गाड़ी से निकले फिर गाड़ी से ही हाथ जोड़कर अभिवादन कर निकल गए। लगातार अनुरोध के बाद आखिरकार नीतीश कुमार कुछ क्षणों के लिए गाड़ी से बाहर निकले। लेकिन बाहर आते ही उन्होंने संजय झा से कहा-आप ही बात कर लीजिए।