बिहार के बाहुबली नेता आनंद मोहन के थैला वाले और नीतीश कुमार को जिंदा दफन वाले बयान पर सियासत तेज है। जदयू की ओर से भी करारा पलटवार किया गया है। इस बीच राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार आज एमएलसी संजय सिंह के आवास पर पहुंचे। इस दौरान काफी देर तक दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। इसे लेकर राजनीतिक गलियारे में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। नीतीश कुमार के उनके आवास पहुंचने को जदयू की ओर से बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
दरअसल आनंद मोहन के बयान के बाद जदयू विधान पार्षद संजय सिंह ने तीखा पलटवार किया है। इस बीच मंगलवार को पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने राजपूत नेता और जदयू एमएलसी संजय सिंह से मुलाकात की है। मंगलवार को नीतीश कुमार खुद उनके पटना स्थित आवास पहुंच गए। इसे जदयू की ओर से बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। अचानक हुई मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। कहा जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच अहम राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत हुई है। JDU संगठन और राजनीतिक हालात पर भी चर्चा की संभावना है। वहीं इस मुलाकात को आनंद मोहन के बयान से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसके जरिए जदयू नेतृत्व ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी अपने नेताओं के साथ मजबूती से खड़ी है और आनंद मोहन के हमलों का जवाब देने के लिए तैयार है। आनंद मोहन और संजय सिंह दोनों ही राजपूत जाति से आते हैं। ऐसे में इसे जदयू के भीतर राजपूत राजनीति के चरम पर होने का संकेत भी माना जा रहा है।
बेटे को मंत्री नहीं बनाए जाने को लेकर आनंद मोहन जदयू पर हमलावर है। हालांकि उनकी पत्नी लवली आनंद और बेटे चेतन आनंद फिलहाल जदयू से सांसद और विधायक हैं। आनंद मोहन के बयान पर पलटवार करते हुए जदयू एमएलसी संजय सिंह ने कहा कि आनंद मोहन के इस बयान से वह स्तब्ध हैं। उन्होने कहा कि ऐसा बयान मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति ही दे सकता है। जहां मानसिक हॉस्पिटल हो, वहां जाकर वो इलाज करवा सकते हैं। हमलोग उनका इलाज करवा देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें इतनी ही चिंता है तो पहले अपनी पत्नी और बेटे से इस्तीफा दिलवाकर मैदान में आयें, तब पता चल जाएगा। वहीं राज्य सरकार में वरिष्ठ मंत्री और जदयू की नेत्री लेशी सिंह ने आनंद मोहन के बयानों को खारिज करते हुए कहा था कि ‘थैली लेकर मंत्री बनाये जाने’ संबंधी बयान निराधार है।
बता दें कि सीतामढ़ी में एक कार्यक्रम के दौरान आनंद मोहन ने आरोप लगाते हुए कहा था कि 'नीतीश कुमार की मजबूरी का फायदा उठाकर 'थैली' की राजनीति हो रही है। नीतीश कुमार को जिंदा दफन कर दिया गया है। चंडाल चौकड़ी ने जदयू को बर्बाद कर दिया। पार्टी अब थैली वाली पार्टी बन गई है। जिसने थैली पहुंचाई, वही मंत्री बना।