पेपर लीक को लेकर 3 मई को रद्द हुई NEET परीक्षा अब 21 जून को होने वाली है। केंद्र सरकार 21 जून को होने वाली अगली NEET परीक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। अब सरकार री नीट परीक्षा में सेना की मदद लेने पर विचार कर रही है। अगर ऐसा होता है तो यह पहला मौका होगा जब किसी परीक्षा की जिम्मेदारी भारतीय सेना के हाथों में होगी। इसको लेकर सियासत भी तेज हो गई है। आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है और कहा कि क्या प्रधानमंत्री अपने शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा लेने का साहस जुटा पाएंगे।
रोहिणी आचार्य ने मोदी सरकार पर जमकर हमला करते हुए एक्स पर लिखा है-क्या प्रधानमंत्री अपने शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा लेने का साहस जुटा पाएंगे ? प्रधानमंत्री जी.. NEET नीट के री-टेस्ट के पेपर को लाने व ले जाने की जिम्मेदारी वायुसेना को सौंपे जाने का निर्णय तो स्पष्ट तौर पर ये स्वीकारोक्ति है कि आपकी सरकार के शासनकाल में पूरा तंत्र ( सिस्टम) भ्रष्टाचार के संक्रमण से ग्रस्त है और भ्रष्टाचारियों के सामने आपकी सरकार पूरी तरह से बेबस व लाचार है।
रोहिणी ने आगे लिखा है-प्रधानमंत्री जी.. सेना के द्वारा किसी प्रतियोगी परीक्षा के पेपर्स की हैंडलिंग देश में पहली दफा होने जा रही है। ये आपकी सरकार की व्यवस्था और आपके भ्रष्टाचार मुक्त शासन के खोखले दावों की पोल खोलती है। प्रधानमंत्री जी उम्मीद है कि आपको इस बात का ज्ञान होगा कि सेना का काम देश की सुरक्षा है , किसी परीक्षा का संचालन-संपादन नहीं..
रोहिणी आचार्य ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए लिखा है-प्रधानमंत्री जी..आपकी सरकार के वर्त्तमान शिक्षा मंत्री जी ( मानव संसाधन विकास मंत्री ) के कार्यकाल में एक नहीं बल्कि दर्जनों पेपर लीक के मामले हुए हैं, मगर न जानें किन वजहों से आपने अब तक उनका इस्तीफ़ा नहीं लिया है ? कहीं ऐसा तो नहीं कि पेपर लीक के इस पूरे गंदे खेल को आपकी जानकारी व् आपकी सरकार के संरक्षण में अंजाम दिया जा रहा है ? प्रधानमंत्री जी .. इस दफा तो आपके शिक्षा - मंत्री महोदय इस बार हुए पेपर लीक के लिए खुद की जिम्मेदारी भी स्वीकार रहे हैं। ऐसे में देश आप से जानना चाहता है कि क्या आप अपने शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा लेने का साहस जुटा पाएंगे ?