जामताड़ा सदर अस्पताल से रेफर की गई एक महिला और उसके नवजात शिशु की रास्ते में हुई मौत के बाद उपजे विवाद ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। इस बीच झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की और पूरे मामले में संयम तथा संवेदनशीलता बरतने की अपील की।
आलोक कुमार दूबे ने कहा कि उपलब्ध चिकित्सीय जानकारी के अनुसार महिला और नवजात की हालत अत्यंत गंभीर थी। इसी कारण अस्पताल के डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें धनबाद रेफर किया था। हालांकि इलाज के दौरान रास्ते में दोनों की मौत हो गई, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में हुए हंगामे से उपचार व्यवस्था प्रभावित हुई। उनके अनुसार डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के साथ कथित दुर्व्यवहार किया गया, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बन गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल उपचार का स्थान है, न कि राजनीतिक प्रदर्शन का केंद्र।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा के जिला अध्यक्ष समेत कुछ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यदि जांच में कानून का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच के बाद कानूनी कार्रवाई और आवश्यक गिरफ्तारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि कानून के समक्ष सभी समान हैं और किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक आधार पर राहत नहीं मिलनी चाहिए।
दूबे ने कहा कि चिकित्सा कर्मी कठिन परिस्थितियों में मरीजों की जान बचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करते हैं। ऐसे में डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। अस्पतालों में हिंसा या अव्यवस्था का माहौल स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर डालता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि मृतका के परिजनों ने किसी प्रकार के दबाव, प्रलोभन या अन्य गंभीर आरोप लगाए हैं, तो उन सभी पहलुओं की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके और किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति समाप्त हो।
भाजपा पर निशाना साधते हुए आलोक कुमार दूबे ने कहा कि झारखंड में कानून का शासन सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास करती रही है और इस बार भी उसका निशाना राज्य का स्वास्थ्य विभाग तथा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी हैं।
उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा गठित जांच समिति को भी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताते हुए कहा कि इसका मकसद तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य मंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाना है। उनके अनुसार जामताड़ा की जनता पूरे घटनाक्रम की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित है।
अपने बयान के अंत में कांग्रेस महासचिव ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी कानून के राज, स्वास्थ्य सेवाओं की गरिमा, चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा और आम नागरिकों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ बिना किसी भेदभाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।