बिहार पंचायत चुनाव की तैयारियों की रफ्तार बेहद धीमी होने के कारण पंचायत चुनाव तय समय पर होंगे या नहीं? इस पर संशय गहराता दिखाई दे रहा है। माना जा रहा था कि पंचायत चुनाव में देरी हो सकती है। इस बीच पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा है कि पंचायत चुनाव सही समय पर होंगे। आरक्षण रोस्टर का पालन होगा। उन्होंने कहा कि इस बार ज्यादा फेरबदल नहीं होगा, परिसीमन इस बार नहीं होगा। वहीं बिहार में गांवों के हर घर से सालाना ₹1200 टैक्स वसूली के प्रस्ताव पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि बिहार अभी इसके लिए तैयार नहीं है और लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए।
पंचायत चुनाव में देरी को लेकर पूछे गए सवाल पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि बिहार में पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर ही कराए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन के बिना ही चुनाव संपन्न होंगे और चुनाव में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी। इससे पहले पंचायत चुनाव में देरी की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन मंत्री के बयान के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है कि बिहार में पंचायत चुनाव तय समय पर ही होंगे।
वहीं बिहार में गांवों के हर घर से सालाना ₹1200 टैक्स वसूली के प्रस्ताव पर पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है, लेकिन बिहार की वर्तमान परिस्थितियों में लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं होगा। मंत्री ने कहा-बिहार अभी इस तरह का टैक्स लगाने के लिए तैयार नहीं है, इसलिए हमने इस प्रस्ताव पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
बता दें कि राज्य सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नगर निगम की तर्ज पर गांवों में होल्डिंग टैक्स और अन्य स्थानीय कर लागू करने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव के तहत प्रत्येक घर से सालाना 1200 रुपये टैक्स लिया जाएगा। इसके बदले ग्रामीणों को पेयजल, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
बतातें चलें कि राज्य में कुल 8,053 मुखिया, 8,053 सरपंच, 1,09,635 वार्ड सदस्य, 1,09,635 पंच, 11,085 पंचायत समिति सदस्य तथा 1,160 जिला परिषद सदस्य के पद हैं। फिलहाल चुनाव की तैयारियों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए तो ऐसा लग रहा है कि दिसंबर 2026 तक पंचायत चुनाव कराने की समय-सीमा प्रभावित हो सकती है। माना जा रहा है कि करीब 10 साल बाद कई पंचायतों में आरक्षण की श्रेणियां बदल सकती हैं। हालांकि इस बीच पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने स्पष्ट किया कि बिहार में पंचायत चुनाव तय समय पर ही होंगे।