सम्राट मंत्रिमंडल में राजपूत-भूमिहार का बोलबाला, पिछड़ा वर्ग में किसका दबदबा, जानिए किस जाति के कितने मंत्री

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार हो रहा है। सम्राट कैबिनेट में जातीय समीकरण का पूरा ख्याल रखा गया है। सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में जातिगत हिसाब से राजपूत और भूमिहार का बोलबाला है।

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Amit Kumar
Updated at : May 07, 2026, 12:31:00 PM

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का पहला बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार हो रहा है।  कुल 32 मंत्री आज गांधी मैदान में शपथ ले रहे हैं, जिनमें कई नए चेहरे भी शामिल हैं।  सम्राट कैबिनेट में जातीय समीकरण का पूरा ख्याल रखा गया है। सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में जातिगत हिसाब से राजपूत और भूमिहार का बोलबाला है। सवर्ण, ओबीसी, अति पिछड़ा, दलित, महादलित, वैश्य और मुस्लिम समुदाय के नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर अलग सामाजिक संदेश देने की कोशिश की गई है। जातीय और सामाजिक संतुलन के नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है. एनडीए ने इस बार कैबिनेट गठन में सवर्ण, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और मुस्लिम समुदायों को साधने की कोशिश की है। मंत्रिमंडल विस्तार में नीतीश कुमार के पुराने लव-कुश समीकरण के साथ साथ बीजेपी के सवर्ण समीकरण का खास ध्यान रखा गया है। कुछ फोकस अति पिछड़ा और दलित वर्ग पर भी दिख रहा है, जबकि वैश्य समाज को भी मजबूत हिस्सेदारी दी गई है। हालांकि सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में जातिगत हिसाब से राजपूत जाति के सबसे ज्यादा मंत्री होंगे। 

सम्राट कैबिनेट में राजपूत समाज से सबसे ज्यादा 4 नेताओं को जगह मिली है। इनमें बीजेपी से संजय टाइगर और श्रेयसी सिंह शामिल हैं, जबकि जेडीयू से लेसी सिंह और एलजेपीआर से संजय सिंह का नाम है। भूमिहार समाज से तीन नेता विजय कुमार सिन्हा, ई कुमार शैलेन्द्र का नाम शामिल है।  पहले से डिप्टी सीएम बनें विजय चौधरी भी हैं। ब्राह्मण समाज से बीजेपी ने मिथिलेश तिवारी और नीतीश मिश्रा को मौका दिया है। वहीं वैश्य समाज से दिलीप जायसवाल, केदार गुप्ता, अरुण शंकर प्रसाद और जेडीयू से श्वेता गुप्ता को जगह मिलने जा रही है। 

अति पिछड़ा वर्ग को साधने पर विशेष जोर दिया है। बीजेपी से रमा निषाद, प्रमोद चंद्रवंशी और रामचंद्र प्रसाद को मौका दिया गया है। वहीं जेडीयू से मदन सहनी, दामोदर रावत, बुलो मंडल और शीला मंडल को शामिल किया गया है।  दलित समुदाय से भी कई नेताओं को कैबिनेट में जगह दी गई है। बीजेपी से लखेंद्र पासवान और नंद किशोर राम शामिल हैं। जेडीयू से सुनील कुमार, रत्नेश सदा और अशोक चौधरी को जगह मिल रही है। एलजेपीआर से संजय पासवान और हम पार्टी से संतोष कुमार सुमन भी दलित चेहरे के रूप में शामिल होंगे। जेडीयू ने मुस्लिम समाज से जमा खान को शामिल कर अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व बनाए रखा है। वहीं बीजेपी ने यादव समाज से राम कृपाल यादव को मौका दिया है. वहीं जेडीयू कोटे से बिजेन्द्र प्रसाद यादव पहले से डिप्टी सीएम हैं। 

सम्राट कैबिनेट में किस जाति के कितने मंत्री

सवर्ण जातियां

राजपूत – 4 मंत्री- संजय टाइगर, श्रेयसी सिंह, लेसी सिंह, संजय सिंह

भूमिहार – 2 मंत्री- विजय कुमार सिन्हा, ई कुमार शैलेन्द्र

(पहले से डिप्टी सीएम विजय चौधरी को लेकर कुल 3 मंत्री)

ब्राह्मण – 2 मंत्री- मिथलेश तिवारी, नीतीश मिश्रा

यादव – 1 मंत्री- रामकृपाल यादव (पहले से डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव को लेकर कुल दो मंत्री) 

कुर्मी – 2 मंत्री- श्रवण कुमार, निशांत कुमार

कुशवाहा – 2 मंत्री- श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, दीपक प्रकाश ( वैसे सीएम सम्राट चौधरी खुद इसी जाति से आते हैं)

चंद्रवंशी – 1 मंत्री- प्रमोद चंद्रवंशी

वैश्य समुदाय से कुल 5 मंत्री

कलवार – 1 (दिलीप जायसवाल)

कानू – 1 (केदार गुप्ता)

सूड़ी – 2 (अरुण शंकर प्रसाद, श्वेता गुप्ता)

तेली – 1 (रामचंद्र प्रसाद)

मल्लाह/निषाद – 2 मंत्री- रमा निषाद, मदन सहनी

धानुक – 2 मंत्री- दामोदर रावत, शीला मंडल

गंगोता – 1 मंत्री- बुलो मंडल

दलित वर्ग से कुल 7 मंत्री होंगे

पासवान – 2 मंत्री- लखेंद्र पासवान, संजय पासवान

रविदास – 2 मंत्री-नंद किशोर राम, सुनील कुमार

मुसहर – 2 मंत्री- रत्नेश सदा, संतोष कुमार सुमन

पासी – 1 मंत्री- अशोक चौधरी 

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