पटना जंक्शन के पास से अगवा किए गए कारोबारी बंटी यादव की हत्या के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और सम्राट सरकार पर जमकर हमला बोला। पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि समय पर कार्रवाई होती तो जान बच सकती थी। विपक्ष के दबाव में परिजनों को शव की जानकारी दी गई। तेजस्वी ने करबिगहिया में कथित सेक्स रैकेट का भी जिक्र क्या है और दावा किया है कि बंटी ने अवैध गतिविधियों का विरोध किया था। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से कई सवाल पूछे और अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने का आरोप लगाया।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पटना में कारोबारी की हत्या पर सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है-पटना के करबिगहिया में सत्ता और पुलिस के संरक्षण में संचालित सेक्स रैकेट का विरोध करने पर 25 वर्षीय किराना दुकानदार बंटी कुमार का 6 जुलाई को पटना जंक्शन के पास से अपहरण किया गया। CCTV फुटेज में सब साफ़ साफ़ दिख रहा है लेकिन अपराधियों को दिशा-निर्देश देने वाली पुलिस ने उसे ढूंढने की बजाय परिजनों को ही डांटा।
कल राजद के शिष्टमंडल ने अपहृत कारोबारी की पत्नी से मुलाकात की और टेलीफ़ोन पर वार्ता कराई। कल हमारे दबाव पड़ने पर पुलिस ने पटना ग्रामीण के अथमलगोला थाना क्षेत्र से उनका क्षत-विक्षत शव लाकर परिजनों को सूचना दी। स्पष्ट है कि पुलिस सब कुछ जान-पहचान रही थी।
तेजस्वी यादव आगे लिखते हैं-स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सेक्स रैकेट चलाने वाले बेख़ौफ़ होकर कहते है कि मुख्यमंत्री आवास तक इस अनैतिक और काली कमाई का हिस्सा जाता है। बड़बोले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बताए कि ऐसे अपराधियों और सिंडिकेट के सरगना कौन है? बिहार के लोग जानते है कि विगत दिनों में बीजेपी सरकार बनने के बाद पटना जंक्शन के आस-पास बड़ी संख्या में सेक्स रैकेट पनप रहे है? इसी क्षेत्र में सरकार के एक भाजपाई मंत्री का भी आवास है और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी इसी क्षेत्र से ताल्लुक रखते है।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा है-बेगुनाहों का झूठा एनकाउंटर करवाने वाले बड़बोले मुख्यमंत्री शराब माफियाओं, सेक्स रैकेट चलाने वालों और बदमाशों के गैंग से डरते क्यों है? सत्ता शीर्ष में बैठे लोगों की इन देह व्यापारियों से क्या सांठ-गांठ है जो उन्हें बचाने में सारी ऊर्जा लगाए हुए है?