बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में मतगणना के बीच जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर की लगभग जीत तय हो गई है। मतगणना में जनसुराज पार्टी (JSP) के नेता प्रशांत किशोर 19419 वोटों से भाजपा के नीरज सिन्हा से आगे चल रहे हैं। 28वें राउंड में प्रशांत किशोर को 59213 , नीरज कुमार को 39794, और रेखा गुप्ता को 13260 वोट मिले हैं। प्रशांत किशोर की बढ़त 19419 वोटों की हो गई है। प्रशांत किशोर की बढ़त के बीच एक और आंकड़ा चर्चा का विषय बन गया। ‘नोटा’ यानी इनमें से कोई नहीं को 582 वोट मिले थे। संख्या भले ही बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन नोटा ने चुनाव लड़ रहे 19 उम्मीदवारों से अधिक वोट हासिल कर लिए।
चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक 28वें राउंड में प्रशांत किशोर को 59213 , नीरज कुमार को 39794, और रेखा गुप्ता को 13260 वोट मिले हैं। प्रशांत किशोर की बढ़त 19419 वोटों की हो गई है। बांकीपुर के मतदाताओं में एक छोटा हिस्सा ऐसा भी रहा, जिसने चुनाव मैदान में मौजूद किसी प्रत्याशी को चुनने के बजाय NOTA का बटन दबाना बेहतर समझा।
बांकीपुर में नोटा को 582 वोट मिले। नोटा का मतलब है कि मतदाता चुनाव मैदान में मौजूद किसी भी उम्मीदवार को अपना वोट नहीं देना चाहता। इस उपचुनाव में नोटा वोटों की संख्या छठे स्थान पर मौजूद भारतीय आम आवाम पार्टी के उम्मीदवार प्रदीप कुमार से कम थी। प्रदीप कुमार को 734 वोट मिले थे लेकिन प्रदीप कुमार के बाद आने वाले सभी 19 उम्मीदवार नोटा से पीछे थे। इनमें कई राजनीतिक दलों के प्रत्याशी और निर्दलीय उम्मीदवार शामिल थे।
NOTA से आगे रहे केवल ये 6 उम्मीदवार
28 राउंड की मतगणना के बाद केवल छह उम्मीदवारों को नोटा से ज्यादा वोट मिले थे।
प्रशांत किशोर, जन सुराज पार्टी- 59247 वोट
नीरज कुमार, भारतीय जनता पार्टी-39827 वोट
रेखा कुमारी, राष्ट्रीय जनता दल- 13270 वोट
तनवीर आलम, राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी- 817 वोट
मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव, प्रगतिशील जनता पार्टी-908 वोट
प्रदीप कुमार, भारतीय आम आवाम पार्टी- 710 वोट
इसके बाद 582 वोटों के साथ नोटा था।
वहीं बांकीपुर उपचुनाव के आ रहे नतीजों पर बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होने कहा कि बांकीपुर में लगातार हमने विकास किया है, आगे भी बांकीपुर हमारी प्राथमिकता में रहेगा। जीतने वाले प्रत्याशी (प्रशांत किशोर) को अग्रिम बधाई देता हूं। बांकीपुर उपचुनाव मतगणना के बीच प्रशांत किशोर ने कहा कि केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार पढ़ाई और रोजगार का काम करे, नहीं करेगी तो ऐसा ही हाल होगा। किसी अपराधी को बिहार का राजा बनाएंगे तो राज्य की तरक्की नहीं होगी।