राज्य के प्रमुख राजनीतिक दलों में शुमार हो चुकी असदुदीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने अपने सांगठनिक ढांचे को और मजबूत किया है। पार्टी ने सीमांचल के चार अहम जिलों पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज में अपने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है। यह जानकार पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने दी। उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार अपने जनाधार को बढाने में लगी हुई है।
आदिल ने बताया कि किशनगंज की जिले का अध्यक्ष गुलाम हसनैन को बनाया गया है। जबकि पूर्णिया जिले की कमान शहनवाज आलम को दी गई है। आफताब कंचन कटिहार के जिला अध्यक्ष बनाए गए हैं। जबकि मंजूर अहमद अररिया के जिला अध्यक्ष बने हैं। इस बारे में और जानकारी देते हुए आदिल हसन ने बताया कि सीमांचल के चारों जिले में बनाए गये अध्यक्ष अपने आप में बहुत मजबूत हैं। इनको काफी तजुर्बा है। क्षेत्र में अच्छी पकड के साथ राजनीतिक समझ भी अच्छी है। प्रदेश अध्यक्ष का यह बहुत अच्छा फैसला है। अररिया के जिला अध्यक्ष पुराने राजनीतिज्ञ हैं। समाज में उनकी भी अच्छी पकड़ है। 2025 के विधानसभा चुनाव को उन्होंने बहुत मजबूती से लड़ा था। पूर्णिया के जिला अध्यक्ष बनाए गए शहनवाज आलम ने बहुत कम वक्त में अपनी पहचान बनाई है।
आदिल ने कहा कि नये बनाये गये चारों जिला अध्यक्ष सीमांचल के लोगों की आवाज बनेंगे। आने वाले दो महीने के अंदर जिलों में ब्लॉक और मंडल लेवल पर भी कमेटी बनेगी। पार्टी का यह फैसला है। हमें उम्मीद है कि यह सभी पार्टी को मजबूती प्रदान करेंगे। बता दें कि एआईएमआईएम ने बहुत कम समय में बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। पिछले दो विधानसभा चुनाव से इस पार्टी के कई विधायक जीतते रहे हैं। इस बार के भी विधानसभा चुनाव में एआइएमआइएम ने महागठबंधन से जुड़कर के चुनाव लड़ने की पूरी कोशिश की थी लेकिन उनकी कोशिश सफल नहीं हो सकी। इसके बाद पार्टी ने अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ा और वर्तमान में पार्टी के पांच विधानसभा सदस्य हैं। आदिल हसन ने उम्मीद जताई कि धीरे-धीरे पार्टी पूरे बिहार में अपनी मजबूत मौजूदगी को दर्शाने में सफल होगी।