पप्पू यादव ने जो किया, वह गलत था: राम गोपाल यादव

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के द्वारा गत 31 जुलाई को संसद परिसर में किए गए स्वांग के बाद से उत्तर प्रदेश की प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आयी है।

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के द्वारा गत 31 जुलाई को संसद परिसर में किए गए स्वांग के बाद से उत्तर प्रदेश की प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आयी है। पार्टी के बडे चेहरे में शुमार होने वाले राम गोपाल यादव ने कहा है कि यह एक गलत काम था; ऐसा नहीं होना चाहिए था।

दरअसल सपा सांसद ने सोमवार को सरकार की आलोचना की। उनका कहना था कि सपा सांसद अवधेश प्रसाद, पप्पू यादव और राहुल गांधी समेत कई नेताओं पर मामला दर्ज किया गया है। सरकार का ध्यान नैरेटिव बनाने और दूसरों के ऊपर दोष मढने पर है। उन्होंने यह सारी बातें एक न्यूज एजेंसी के साथ करते हुए कही। राम गोपाल यादव का कहना था कि यह गलत था, क्योंकि राम मंदिर में हुई चोरी से संतों का कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए, असल में यह एक गलत काम था; ऐसा नहीं होना चाहिए था। अगर सरकार खुद ही रचनात्मक काम नहीं करती, तो रचनात्मक अभिव्यक्ति के उभरने की कोई गुंजाइश नहीं रहती। इसके बजाय, वे एक नैरेटिव बनाने, तथ्यों को घुमाने-फिराने और दूसरों पर दोष मढ़ने के तरीकों पर ध्यान देते हैं। वे इसमें माहिर हैं।

रामगोपाल यादव का यह बयान तब सामने आया जबकि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंदिर ओम प्रकाश राजभर ने टिप्पणी की। राजभर ने संसद परिसर में 'राम मंदिर स्किट' की घटना पर समाजवादी पार्टी के रुख पर सवाल उठाया था। उन्होंने सपा के एमपी राजीव राय, पवन पांडे और अवधेश प्रसाद के बयानों का ज़िक्र करते हुए सवाल किया कि क्या पार्टी का आधिकारिक रुख गुटीय वफ़ादारी से तय होता है या फिर किसी खास वोट बैंक को खुश करने की रणनीति से।

हालांकि इधर बीजेपी सांसद और पार्टी के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने लोकसभा स्पीकर को 'विशेषाधिकार हनन' और 'सदन की अवमानना' का नोटिस सौंपा। यह नोटिस 'कार्य संचालन और प्रक्रिया नियमों' के नियम 222 और 223 के तहत दिया गया। यह प्रस्ताव निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के उस व्यवहार को लेकर लाया गया है जो एक सांसद के लिए उचित नहीं था। 31 जुलाई को संसद परिसर में मकर द्वार के पास उन्होंने हिंदू साधु जैसे कपड़े पहने थे। इस हरकत को धार्मिक भावनाओं का मज़ाक उड़ाने और सदन की गरिमा को कम करने वाला माना गया।

बता दें कि पप्पू यादव और अन्य विपक्षी सांसदों ने गत 31 जुलाई को संसद परिसर के अंदर एक नाटक किया। इसमें राम मंदिर के लिए एकत्र किए गए चंदे से जुड़े आरोपों को दिखाया गया। इस नाटक में पप्पू यादव ने भगवा कपड़े पहने थे और मंदिर के पुजारी की भूमिका निभाई थी, जबकि अन्य विपक्षी सांसदों ने चंदा बॉक्स और भ्रष्टाचार के दावों से जुड़ा दृश्य दिखाया था।