पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया। ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। बीजेपी बंगाल में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। भारत के पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने ममता बनर्जी ने लेकर बड़ा खुलासा किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनके लिए तृणमूल कांग्रेस का अध्याय अब खत्म हो गया है।
दरअसल पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी पश्चिम बंगाल के हावड़ा की शिबपुर सीट से विधायक रहे। उसका टिकट पार्टी ने इस बार काट दिया था। मनोज तिवारी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में खेल राज्य मंत्री भी रहे थे। टिकट कटने पर बड़ा दावा करते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि उनका टिकट इसलिए कटा क्योंकि उन्होंने पांच करोड़ रुपये देने से इनकार कर दिया था।
एक इंटरव्यू में मनोज तिवारी ने बंगाल में ममता की करारी हार पर कहा कि इस करारी हार से मुझे बिल्कुल भी हैरानी नहीं हुई है। जब पूरी पार्टी ही भ्रष्टाचार में लिप्त हो और किसी भी क्षेत्र में कोई विकास नहीं हुआ हो तो ऐसा होना ही था। सिर्फ वही लोग टिकट खरीद पाए जो भारी-भरकम रकम दे सकते थे। इस बार कम से कम 70 से 72 उम्मीदवारों ने टिकट पाने के लिए करीब पांच करोड़ रुपये दिए। मेरे से भी पैसे मांगे गए थे, लेकिन मैंने देने से मना कर दिया।
मनोज तिवारी ने कहा कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं था, भले ही 2019 में तृणमूल ने उन्हें लोकसभा का टिकट देने की पेशकश की थी। मैंने विनम्रता से मना कर दिया था, लेकिन 2021 के चुनावों से पहले दीदी ने एक बार फिर मुझे बुलाया और मुझे शिबपुर से चुनाव लड़ने के लिए कहा गया और मैंने सोचा कि मैं कुछ सार्थक बदलाव ला सकता हूं। 2021 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने शिबपुर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। मनोज तिवारी ने कहा-उस समय मैं आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेल रहा था और रणजी ट्रॉफी में खेलने को लेकर गंभीर था जब दीदी (ममता) चाहती थीं कि मैं लोकसभा चुनाव लड़ूं।
वहीं मनोज तिवारी ने दावा करते हुए कहा कि मैंने ऐसी बैठकों में हिस्सा लिया है जहां तृणमूल के सभी मंत्रियों को बुलाया जाता था। मुझे राज्य मंत्री के नाम पर बस एक ‘लॉलीपॉप’ थमा दिया गया था, जिसका असल में कोई मतलब ही नहीं था। अगर मैं खड़ा होकर कहता, दीदी, मैं आपका ध्यान एक खास समस्या की ओर दिलाना चाहता हूं तो वह बीच में ही हमें रोक देतीं और कहतीं, मेरे पास तुम लोगों के लिए समय नहीं है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया। पश्चिम बंगाल में जीत के साथ, बीजेपी राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा ने 206 सीटें जीत लीं हैं जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 81 सीट पर जीत दर्ज की है।